जालौन में नववर्ष के अवसर पर क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में एक पहल की गई। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला अस्पताल उरई में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने अभियान के तहत गोद लिए गए 25 क्षय रोगियों को पोषण आहार किट (पोषण पोटली) वितरित की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सभी टीबी मरीजों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि टीबी कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य रोग है जिसका समय पर और नियमित इलाज से पूर्णतः उपचार संभव है। उन्होंने मरीजों से अपील की कि वे दवाओं का कोर्स बीच में न छोड़ें और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरी अवधि तक दवाएं लें। उन्होंने पौष्टिक आहार और सकारात्मक सोच को भी उपचार का अहम हिस्सा बताया। जिलाधिकारी ने जनपद में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद की टीबी उपचार सफलता दर 94 प्रतिशत है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने यह भी कहा कि निक्षय मित्रों की सहभागिता से क्षय रोगियों को गोद लेकर पोषण पोटली वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है, जिसकी प्रगति 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी माह के अंत तक जनपद के शत-प्रतिशत टीबी मरीजों को पोषण आहार किट उपलब्ध करा दी जाएगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने टीबी उन्मूलन को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सहयोग से इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सकता है। उन्होंने निक्षय मित्रों और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारीगण, जिला क्षय रोग अधिकारी, जिला पुरुष चिकित्सालय उरई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित क्षय रोग विभाग के समस्त अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी मरीजों में उपचार के प्रति सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाना था।
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