गाजियाबाद के भोजपुर के पते पर 25 लोगों के पासपोर्ट फर्जी तरह से बन गए। जहां लखनऊ से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। पूरे मामले में पुलिस और पासपोर्ट ऑफिस के आफिसर जांच में जुट गए हैं। गाजियाबाद के भोजपुर थाने में 22 लोगों के खिलाफ आज पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सबसे बड़ी हैरानी यह है कि सभी पासपोर्ट भोजपुर के पते पर बने हैं। यानी एक ही पता दर्शाया गया है,मोबाइल नंबर भी एक ही है। जांच में जिनके पासपोर्ट बने हैं ऐसे 22 लोग वहां पते नहीं मिले। यह सभी पासपोर्ट अगस्त सिंतबर 2022 में बने हैं। जिसके बाद लखनऊ और दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। 25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई अमनप्रीत कौर, जसनप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महिंद्र कौर, यशोदा राय,बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमेहर कौर, पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी, प्रकाश शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 61(2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2) और आईटी एक्ट 66 में केस दर्ज किया गया है। पोस्टमैन से कहा कि पते पर मत भेजना पुलिस ने बताया कि इस मामले में भोजपुर डाकघर के डाकिए अरुण कुमार से जानकारी मांगी। जिसमें पोस्टमैन अरुण कुमार ने कहा कि मैं भोजपुर में 12 साल से तैनात हूं, भोजपुर गांव की डाक मैं ही बांटता हूं। 5 महीने पहले विवेक गांधी व प्रकाश सुब्बा नाम के 2 लोग मुझे मिले थे। उन्होंने हमें बताया कि हमारे कुछ पासपोर्ट बनकर आयेंगे। उन पासपोर्ट को जो पता लिखा आए उन पर मत भेजना। हम दोनों को दे देना। प्रत्येक पासपोर्ट के हम 2- 2 हजार रुपये देंगे। पोस्टमैन इस लालल में आ गया। कूटरचित कागज का प्रयोग हुआ एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन पासपोर्ट सत्यापन के लिए ऑनलाइन पासपोर्ट टैब र आते हैं। जिसकी जांच कर टैब पर ही लाइन लाइन रिपोर्ट प्रेषित की जाती है। तीनों लोगों के द्वारा पासपोर्ट आवेदन करने वाले कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर सूची में अंकित 22 पासपोर्ट आवेदनों के साथ सल्ंगन कागज कूटरचित तरह से तैयार करके प्रयोग किए गए हैं। इन दस्तावेजों के प्रयोग करने के आधार पर यह सभी पासपोर्ट आवेदनकर्ताओं के पासपोर्ट जारी हुए। इन नामों के महिला और पुरुष ही नहीं मिले 11 दिसंबर 2025 को कुल 24 पासपोर्ट का एक ही पता दर्शाया गया है, मोबाइल नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार हुए। 20 दिसंबर को गाजियाबाद पुलिस ने इनकी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट आवेदन करने वाले जो पता गांव भोजपुर का दर्शाया गया है, यह पता ही नहीं मिला। जो पता 22 पासपोर्ट में दर्शाया गया है, पुलिस की जांच में उस पते पर निवास नहीं पाया गया।
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