संभल के थाना ऐंचौड़ा कम्बोह गांव के क्षेत्र में स्थित श्री कल्कि धाम में गुरुवार को मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। प्रत्येक माह के प्रथम दिवस पर होने वाले इस परंपरागत सत्संग में श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने प्रवचन दिया। इस दौरान उन्होंने संभल सहित देश के कई हिस्सों में हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। आचार्य कृष्णम् ने कहा कि देश के अनेकों भागों में बिगड़ता जनसांख्यिकी संतुलन भारत को एक और बंटवारे की ओर धकेल सकता है। उन्होंने इसे अत्यंत चिंताजनक बताते हुए सरकारों से इस ओर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उनके अनुसार, आज देश में कई ऐसे स्थान हैं जहां हिंदू अल्पसंख्यक बन चुके हैं। आचार्य कृष्णम् ने इसे भारत की एकता और अखंडता के लिए भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने श्री कल्कि धाम को आस्था का हिमालय और जीवंत प्रमाण बताया। आचार्य कृष्णम् ने उल्लेख किया कि यह धाम सरकारों और अदालतों में चले एक अनवरत संघर्ष का परिणाम है। उनकी अटूट आस्था को तब बल मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर कमलों से श्री कल्कि धाम का शिलान्यास किया था। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि श्री कल्कि धाम का निर्माण असंख्य कल्कि भक्तों के जीवन का परम लक्ष्य है। श्री कल्कि नारायण को समर्पित इस धाम के निर्माण के लिए पूरे देश में अभियान चलाया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह कलियुग के पूर्णावतार श्री कल्कि नारायण को समर्पित विश्व का एकमात्र धाम होगा, जहां भगवान विष्णु के समस्त पूर्वावतारों के दर्शन संभव होंगे। मासिक सत्संग के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जयपाल सिंह, सुधीर त्यागी, पंकज गुप्ता, संजीव त्यागी, सुधीर चाहल, जितेंद्र सिंह, मुनिदेव त्यागी, बिजेंद्र त्यागी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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