हाथरस भगदड़ मामले में गुरुवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान एक महिला दरोगा की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की है। यह घटना 2 जुलाई 2024 को सिकंद्राराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में एक सत्संग के समापन के बाद हुई थी। सत्संग खत्म होने पर मची भगदड़ में सरकारी आंकड़ों के अनुसार 121 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे। पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है। इस चार्जशीट में 676 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है। आरोपियों में देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, रामप्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह शामिल हैं। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि आज इस मामले में महिला दरोगा छवि नैन की गवाही हुई। छवि नैन उस समय प्रशिक्षु दरोगा के रूप में मुरसान थाने में तैनात थीं और उनकी इस कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी लगी थी। वर्तमान में वह महिला थाने में तैनात हैं। अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर के अनुसार, यह पूरी घटना कोई साजिश नहीं थी बल्कि एक हादसा था। उन्होंने कहा कि यह हादसा पुलिस की लापरवाही के कारण हुआ, जिसकी वजह से इस मामले में कुछ पुलिसकर्मी निलंबित भी किए गए थे।
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