गोंडा में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एक दर्दनाक हादसे में मिस्त्री की जान चली गई। नगर कोतवाली क्षेत्र के उकरा ग्राम पंचायत में मकान की दूसरी मंजिल पर शटरिंग लगाते समय 35 वर्षीय मिस्त्री इंद्रदेव हाईवोल्टेज बिजली तार की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसे इंद्रदेव को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक इंद्रदेव पुत्र पट्टर, इटियाथोक थाना क्षेत्र के लोहारन पुरवा बेलवा बहुत गांव का निवासी था। वह उकरा गांव में एक मकान की छत की ढलाई के लिए शटरिंग का कार्य कर रहा था। काम के दौरान ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के तार से उसका संपर्क हो गया, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार इंद्रदेव पिछले पांच वर्षों से पेशकर मिश्रा नामक ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में चार बच्चे हैं—बड़ा बेटा शंकर, बेटियां मानसी और शालू तथा सबसे छोटा बेटा मोहित। इंद्रदेव की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। गोंडा मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पर परिजनों और ठेकेदार के बीच मौत को लेकर कुछ देर तक कहासुनी भी हुई। मृतक के चचेरे भाई कर्ता राम सोनकर ने बताया कि इंद्रदेव पिछले चार दिनों से उसी मकान की दूसरी मंजिल पर शटरिंग का काम कर रहा था। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों और मकान मालिक से पूछताछ की जा रही है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मॉर्च्युरी पर हुई कहासुनी की भी पुष्टि की है।
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