हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरौलीपुर पुलिस चौकी के उमराहट गांव में दिसंबर माह में हुए सिपाही से मारपीट और दरोगा की सर्विस पिस्टल छीने जाने के मामले को लेकर अब ग्रामीणों ने जांच पर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को गांव के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और मामले की जांच ज़िले के बाहर की टीम व सीबीसीआईडी से कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में बेगुनाह लोगों को परेशान कर रही है और कुछ निर्दोष ग्रामीणों को जेल भी भेज दिया गया है। लोगों ने मांग की कि निष्पक्ष जांच कराकर बेगुनाहों को रिहा किया जाए। क्या है पूरा मामला… 2 दिसंबर को हरौलीपुर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही आशीष मौर्या उमराहट गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद को निपटाने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बंधक बनाकर बेरहमी से पीट दिया। सिपाही को बचाने पहुंचे दरोगा राजेंद्र प्रसाद को भी उग्र लोगों ने खदेड़ दिया और उनकी सर्विस पिस्टल छीन ली। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले में 19 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मुख्य आरोपी दुर्गा निषाद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी निशानदेही पर दरोगा की सर्विस पिस्टल भी बरामद की गई। साथ ही अन्य कुछ आरोपियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
https://ift.tt/uyCFrQG
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply