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हनुमानगढ़ी में संत आवास पर कब्जा करने का मामला:नीरज दास बोले- मुझे जबरन आसन से बाहर किया, महंत ने आरोपों को नकारा

हनुमानगढ़ी की उज्जैनियां पट्‌टी के संत नीरज दास के आवास पर कब्जा करने का मामला गरमा उठा है। नीरज दास पुलिस से शिकायत कर अपनी पट्‌टी के कुछ संतों पर गई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि 29 दिसंबर को लवकुश दास और वीरेंद्र दास निर्मोही उनके आसन पर पहुंचे और उनके कमरे से सारा सामान बाहर निकाल दिया। दूसरी ओर के संतों का कहना है कि नीरज दास को उज्जैनियां पट्‌टी के निकाल रखा है।वे खुद एक जनवरी को जबरन कब्जा करने आए थे। इसके बाद उनको पकड़ कर पुलिस का सौंप दिया गया है। अब जाने क्या है पूरा मामला नीरज दास का आरोप है कि 29 दिसंबर को उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन आसन से बाहर कर दिया गया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लेकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने थाना राम जन्मभूमि में शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि उनका स्थान कब्जा कर लिया गया है और उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं।पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। हनुमानगढ़ी के सिंह द्वार स्थित उज्जैनिया पट्टी से जुड़े नीरज दास शिष्य हरिदास ने पट्टी के संतों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके गुरुदेव भगवान द्वारा सिंह द्वार पर चिंताहरण हनुमान जी का मंदिर स्थापित कराया गया था। साथ ही मंदिर में 21 किलो चांदी का सिंहासन भी दान किया गया था। पुलिस से की गई शिकायत में आरोप है कि कुछ महीने पूर्व पट्टी के संतों ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर को तुड़वा दिया और मंदिर में रखे सिंहासन समेत अन्य सामान उठा ले गए। विरोध करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई और कहा गया कि शिकायत करने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर हनुमानगढ़ी से बाहर कर दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार नीरज दास के आरोप झूठे दूसरी ओर थाना प्रभारी रामजन्मभूमि अभिमन्यु शुक्ला का कहना है कि नीरज दास के पास उनके कथित हिस्से से जुड़ा कोई वैध कागजात नहीं है।वे अपना आवास बताकर उसे कब्जा करना चाह रहे हैं।इस पर उनको पकड़ा गया है।इूसरी ओर नीरज दास पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि उनको शिकायत करने के बाद पीड़ा पहुंचाने की धमकी दी जा रही है। उज्जैनियां पट्‌टी से निकाले जा चुके हैं नीरज दास-महंत नंदराम दास दूसरी ओर अखिल भारतीय निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव महंत नंदराम ने बताया कि नीरज दास केवल छात्र था।उसने पुजारीपना के लालच में एक साधु को 2 माह पहले नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी।इसके बाद उसके उज्जैलियां पट्‌टी के निकाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि नीरज दास और शत्रुहन दास का मुकदमा न्यायालय में चल रहा है।कागजात शत्रुहन दास के पक्ष है।नीरज दास हनुमानगढ़ी को बदनाम कर रहे हैं।वे एक जनवरी को अपने कथित आवास पर कब्जा करने आए थे जिसके बाद उनको पुलिस को सौंप दिया गया है।


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