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स्क्रैप कारोबारी का शव रखकर परिजनों ने लगाया जाम:पुलिस अफसरों को मौके पर बुलाने पर अड़े, भारी तनाव, CO के समझाने पर हटे

नौचंदी थाना क्षेत्र के जैदीफार्म में हुई असलम की हत्या से परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद असलम का शव जैसे ही घर पहुंचा, उन्होंने उसे सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। देखते ही देखते भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। जाम की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। परिजन अफसरों को मौके पर बुलाने पर अड़े हैं। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी पहुंचे और किसी तरह परिजनों को समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया। 4 तस्वीरें देखिए…

पहले एक नजर वारदात पर
नौचंदी थाने से महज 50 कदम की दूरी पर जैदी फार्म इलाका शुक्रवार को गोली की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। यहां कुछ हमलावरों ने स्क्रैप कारोबारी असलम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना में शोएब नाम का एक अन्य युवक भी घायल हुआ, जिसका उपचार चल रहा है। डेढ़ साल पहले अरशद नाम की युवक की हत्या की गई थी। बताया जाता है कि उसी का बदला लेने के लिए असलम को मारा गया है। इस वारदात के बाद से क्षेत्र में तनाव है। दोस्त शोएब संग खड़ा था असलम
पुलिस की मानें तो असलम शुक्रवार को जैदी फार्म की गली नंबर चार के बाहर अपने दोस्त शोएब के साथ खड़ा बात कर रहा था। इसी दौरान हमला हो गया। चार से पांच गोली असलम को लगी और वह जमीन पर गिर गया। शोएब के कंधे में भी एक गोली लग गई। हमलावर भाग निकले। आनन फानन में दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से असलम की नाजुक हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया। रात में असलम की मौत हो गई, जिसके बाद तनाव बढ़ता चला गया। सिर और कंधे में लगी गोलियां
फायरिंग में असलम के सिर, कमर, पेट और कंधे में 4 गोलियां लगीं, जबकि शोऐब के कंधे में एक गोली लगी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। असलम को दिल्ली रेफर किया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी रात 10 बजे मौत हो गई। वहीं शोएब का इलाज मेरठ में ही चल रहा है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस घटना को लेकर हुई फायरिंग
पुलिस के अनुसार, जैदी फार्म निवासी 35 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर अरशद पुत्र हाजी अमीर अहमद और पड़ोसी बिलाल पुत्र इमरान दोनों ही सलमान गैंग में काम करते थे। दोनों में पहले अच्छी दोस्ती थी। कालोनी में वर्चस्व को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि वर्चस्व कायम करने के लिए दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गए। चार जून, 2024 को इसी रंजिश में बिलाल ने भाई असलम, दाऊद, पिता इमरान और साथी दानिश उर्फ गुड्डू के साथ मिलकर बिजली बंबा बाइपास पर स्विमिंग पुल में अरशद की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सभी पांचों आरोपितों को जेल भेज दिया था। बिलाल अभी भी जेल में बंद है, जबकि अन्य चार आरोपित आठ माह पहले जमानत पर आ चुके है। तभी से अरशद का परिवार असलम की हत्या करने के फिराक में जुटा हुआ था। शुक्रवार को शाम चार बजे असलम अपने दोस्त शोएब के साथ कहीं जा रहे थे। इसी दौरान हमला किया गया। नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर है असद
अरशद का भाई असद भी नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है। उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। उसके बाद भी असद पूरे गिरोह के साथ जनपद में घूम रहा था। जिला बदर होते हुए थाने के सामने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया है। साथ ही मृतक परिवार को चेतावनी भी दी कि उनके परिवार की तरफ आंख उठाकर देखी तो घुस में घुसकर मारेंगे। FiR में 11 को किया गया नामजद
देर रात ही असलम के पिता मोहम्मद इमरान की तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें आहद पुत्र शमीम, असद, रिहान, तारिक, राशिद, शमी पुत्रगण अमीर अहमद के अलावा इस्माइल पुत्र शमीम, समीर उर्फ मोटा बवानिया पुत्र सलीम, अमीर अहमद पुत्र इशाक, चंदन पुत्र इशाक और आमना पुत्र शमीम को नामजद किया गया था। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव रखकर जाम लगाया
असलम का शव शनिवार शाम पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस से घर पहुंचा तो परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने एंबुलेंस को गली के सामने रोककर जाम लगा दिया। पिता मोहम्मद इमरान ने एंबुलेंस की छत पर चढ़कर अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग उठा दी। मोहम्मद इमरान का कहना था कि यह सरकार अपराधियों के घर पर बुल्डोजर चलाती है। इन सभी अपराधियों के घर पर बुल्डोजर चलाए। उनके एन्काउंटर करे। सीओ से मोहम्मद इमरान की नोकझोंक
जाम की सूचना पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मोहम्मद इमरान से बात की तो वह डीआईजी कलानिधि नैथानी व एडीजी जोन भानु भास्कर को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। उनकी सीओ से नोकझोंक शुरु हो गई। सीओ ने सख्त लहजे में समझाया कि पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। ऐसे में पीड़ित परिवार को पुलिस का साथ देना चाहिए। जाम खोला, शांतिपूर्ण दफीने का दिलाया भरोसा
सीओ ने कहा कि इस तरह से जाम लगाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है, जिसकी कानून इजाजत नहीं देता। समझाया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। जाम नहीं खोला गया तो मजबूरन पुलिस को मुकदमा दर्ज करना होगा। मोहम्मद इमरान ने पुलिस कार्रवाई पर भरोसा जताया और फिर जाम खोल दिया। इसके बाद असलम का शव लेकर परिजन घर पहुंच गए।


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