सुल्तानपुर के राजकुमार ने गरीबी और अभाव को पार कर अमेरिका में भारत का मान बढ़ाया है। वे वर्तमान में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में कैंसर विभाग के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं। मूल रूप से जिले के बल्दीराय क्षेत्र के हलियापुर निवासी राजकुमार न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ऑफ ट्यूरो के फार्मास्युटिकल एंड बायोमेडिकल साइंसेज (कैंसर विभाग) में चेयरमैन हैं। वह इन दिनों दो सप्ताह के प्रवास पर अपने पैतृक गांव आए हुए हैं। राजकुमार की प्राथमिक शिक्षा हलियापुर गांव में हुई। उन्होंने अयोध्या के सर्वोदय इंटर कॉलेज रामगंज मिल्कीपुर से इंटरमीडिएट किया। इसके बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी से एमएससी और पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्ष 1996 में उन्होंने अमेरिका के टेक्सास स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नौकरी शुरू की। वर्ष 2002 में राजकुमार ने जौनपुर की शगुफ्ता से शादी की, जो न्यूयॉर्क में ही प्रोफेसर हैं। राजकुमार बताते हैं कि उनकी मां की मृत्यु कैंसर से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने कैंसर पर शोध करने का फैसला किया। उन्होंने अमेरिका में बेहतर सुविधाओं के कारण वहां आवेदन किया था। 58 वर्षीय राजकुमार का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। उनके पिता मंजूर अली गांव में पटाखे बनाकर जीवन यापन करते थे, जबकि मां घर-घर जाकर महिलाओं को चूड़ियां पहनाती थीं। उनके माता-पिता अब जीवित नहीं हैं। राजकुमार के एक भाई मकसूद सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग सऊद यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। दूसरे भाई राशिद लखनऊ में कार्यरत हैं। उनके चाचा महबूब अली का परिवार गांव के घर में रहता है। हिंदू बहुल गांव में पिता के मेलजोल के कारण उनका नाम राजकुमार रखा गया था।
https://ift.tt/GSFmMHa
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply