बिजनौर में करीब सवा दो साल पहले हुए सुरेंद्र हत्याकांड में पोक्सो कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। स्पेशल अपर सत्र न्यायाधीश प्रकाशचंद्र शुक्ला ने पिता छत्रपाल और उसके तीन बेटों महिपाल, विकास व ओमप्रकाश को दोषी करार देते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चारों दोषियों पर कुल 3 लाख 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव जमालुद्दीनपुर का है। शासकीय अधिवक्ता मुकेश चौहान के अनुसार, इस संबंध में गुड्डी देवी पत्नी मदन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी पक्ष से पुरानी रंजिश चल रही थी और आरोपी छत्रपाल व उसके बेटे झगड़ालू प्रवृत्ति के थे। आरोपी ओमप्रकाश और महिपाल के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज थे।
घर में जबरन घुसकर किया था जानलेवा हमला घटना के दिन आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से लैस होकर गुड्डी देवी के घर में जबरन घुसकर उनके पति मदन सिंह, देवर सुरेंद्र और सेवाराम पर जानलेवा हमला किया। इस हमले में मदन सिंह और सेवाराम गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि सुरेंद्र बेहोश होकर गिर पड़े। घायलों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्याऊ ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल और बाद में मेरठ के हायर सेंटर रेफर किया गया। उपचार के दौरान सुरेंद्र की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह कोर्ट में पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने जुर्माना राशि में से दो लाख रुपये मृतक सुरेंद्र के परिजनों को तथा 40 हजार रुपए घायल सेवाराम को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश भी दिए हैं।
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