सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के फुलरूआ गांव में 15 दिन से लापता युवक का खेत में नर कंकाल मिलने के मामले में अब पुलिस डीएनए जांच के जरिए आधिकारिक पहचान कराने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए सैंपल की जांच से मौत से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। परिजनों द्वारा किसी भी तरह के आरोप से इंकार किए जाने के बाद यह मामला और रहस्यमय हो गया है। गौरतलब है कि बीते दो दिन पूर्व बुधवार को ग्रामीणों ने खेत में कंकालनुमा शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही मिश्रिख कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। शव पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था, जिससे पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा था। हालांकि घटनास्थल से कुछ दूरी पर पड़े कपड़ों के आधार पर परिजनों ने मृतक की पहचान 32 वर्षीय श्याम किशोर उर्फ श्यामू कौशल पुत्र कौशल किशोर, निवासी फुलरूआ गांव के रूप में की थी। मृतक की पहचान उसके भाई पंकज ने की थी। परिजनों ने बताया कि श्याम किशोर 17 जनवरी को घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई थी। शव मिलने के बाद भी परिजनों ने किसी प्रकार की आशंका या आरोप लगाने से साफ इंकार कर दिया, जिससे पुलिस की जांच और गहरी हो गई है। रहस्य से पर्दा उठाने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। टीम द्वारा आसपास के खेतों में भी मानव अवशेष, कपड़े या अन्य सुरागों की तलाश की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह ने बताया कि डीएनए जांच से बहुत कुछ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा आरोप न लगाए जाने के बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएनए जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
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