सीतापुर के विकासखंड हरगांव के अंतर्गत ग्राम गुरुढ़ापा में शनिवार दोपहर को हुए कोटा चुनाव मतदान के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरक्षण को लेकर उत्पन्न विवाद इतना बढ़ा कि प्रधान पक्ष और विपक्षी उम्मीदवार अनिल कुमार फौजी के समर्थक आमने-सामने आ गए। हालात तब बिगड़ गए जब पंचायत सचिव को कथित तौर पर बंधक बनाने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, मतदान प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के समर्थक अलग-अलग समूहों में बैठे थे। इसी दौरान सप्लाई इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे और उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि फौजी या स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को आरक्षण का लाभ देना अनिवार्य है। इस घोषणा का विपक्षी प्रत्याशी अनिल कुमार फौजी और उनके समर्थकों ने स्वागत किया, लेकिन प्रधान पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर फौजी समर्थक मतदान स्थल स्थित स्कूल के बाहर चले गए। इसी बीच प्रधान पक्ष के लोगों ने पंचायत सचिव धर्मेंद्र कुमार कनौजिया पर दबाव बनाया कि वे प्रस्ताव उनके पक्ष में दर्ज करें। सचिव ने एकतरफा निर्णय लिखने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि प्रधान पक्ष के कुछ लोगों ने सचिव को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर बंधक बनाने की कोशिश की। स्थिति की सूचना प्रशासन को मिलते ही इंस्पेक्टर सुरेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर सचिव को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें सरकारी वाहन से थाने रवाना किया। घटना के बाद कुछ ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा किया और पुलिस विरोधी नारेबाजी भी की। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। घटनास्थल पर डीईओ पंचायत जे.पी. वर्मा, पंचायत सचिव, इंस्पेक्टर सुरेश कुमार समेत पुलिस बल तैनात रहा। हंगामे और विरोध के बाद बीडीओ ने कोटा मतदान को निरस्त कर दिया है।
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