बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील के सिलौटा ग्राम पंचायत स्थित मरौचा गौशाला में एक गाय मृत पाई गई है। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने गौशाला प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और उचित देखभाल की व्यवस्था नहीं है। प्रदेश सरकार आवारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने के लिए गौशालाओं के संचालन पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और ग्राम प्रधान की लापरवाही के कारण गौशाला की व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं। इस मामले पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) जितेंद्र कुमार ने कहा कि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी गौशाला में कुछ पशु बीमार भी रहते हैं और उनके मरने की आशंका रहती है। बीडीओ के अनुसार, पशु चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से पशुओं का इलाज करते हैं और खाने-पीने की सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकारियों की इस सफाई से ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। उनका तर्क है कि यदि गौशाला में व्यवस्थाएं दुरुस्त होतीं, तो पशुओं की मौत नहीं होती। ग्रामीणों ने गौशाला की नियमित जांच और उसके प्रबंधन में सुधार की मांग की है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पप्पू यादव ने बताया कि वे बाराबंकी में हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मृत गाय बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था। मृत गाय का यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोग इस प्रकरण में जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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