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सिर्फ डिग्री बांटने से नहीं बनेगा विकसित भारत:अलीगढ़ में CM के सलाहकार ने कहा छात्रों को हुनरमंद बनाएं, ITI की बदहाली पर जताई नाराजगी

उत्तर प्रदेश को शिक्षा और रोजगार का ग्लोबल हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री के शिक्षा सलाहकार प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह ने अलीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक की। गुरुवार को आयुक्त सभागार उन्होंने अफसरों से कहा कि शिक्षा को डिग्री बांटने का जरिया न बनाएं, इसे बच्चों के रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ें। विकसित भारत @2047 कोई दूर का सपना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रोडमैप है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों को राष्ट्रनिर्माण की प्रयोगशाला बनना होगा। ​ITI की जर्जर लैब को सुधारने के निर्देश प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह को बैठक के दौरान कुछ तकनीकी संस्थानों, खासकर आईटीआई (ITI) की प्रयोगशालाओं की जर्जर स्थिति की जानकारी मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश देने के साथ ही शासन स्तर से कार्रवाई कराने के लिए कहा। जर्जर लैब, बच्चों के भविष्य में रोड़ा उन्होंने कहा कि बदहाल लैब और पुरानी मशीनें आत्मनिर्भर भारत की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं। इन्हें तत्काल आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड किया जाए। अगर लैब जर्जर होगी, तो हमारे बच्चों का कौशल भी पिछड़ जाएगा। स्कूल-कॉलेजों को ‘टैलेंट फैक्ट्री’ बनाना ही सरकार की प्राथमिकता है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्किल’ रोकेगा मेधा का पलायन ​बैठक में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन स्किल’ (ODOS) मॉडल को विकसित यूपी की कुंजी बताया गया। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. जीएस मोदी के इस सुझाव पर सहमति बनी कि ​लोकल हुनर, ग्लोबल पहचान यानि ओडीओपी (ODOP) की तर्ज पर हर जिले में वहां के उद्योगों के हिसाब से कौशल विकास केंद्र खुलेंगे। अलीगढ़ अब डिफेंस कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट का केंद्र है। स्थानीय स्तर पर युवाओं को ट्रेनिंग मिलने से उन्हें नौकरी के लिए दूसरे शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा। ​शिक्षा के लिए 5T फॉर्मूला और बच्चों की नींव ​प्रो. सिंह ने शिक्षा को टैलेंट, ट्रेड, टूरिज्म, ट्रेडीशन और टेक्नोलॉजी (5T) से जोड़ने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा जीवन की नींव है। यहां से संस्कारित और तकनीकी रूप से दक्ष छात्र निकलेंगे, तभी मालवीय और कलाम साहब का सपना पूरा होगा। ​बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद ​मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार, अपर आयुक्त अखिलेश कुमार, संयुक्त शिक्षा निदेशक मनोज गिरी, डीआईओएस पूरन सिंह, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. जीएस मोदी, डीआईओएस (कासगंज) जगदीश शुक्ला, बीएसए राकेश कुमार, संयुक्त निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) विनोद कुमार बाजपेयी, इग्नू क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अजय वर्धन आचार्य, उप शिक्षा निदेशक (संस्कृत) शीलेन्द्र कुमार, राजन सिंह, शंकर सिंह, प्रतीक कुमार, फैजान, आयुषी सिंह, चंद्र प्रकाश, तुषार शर्मा, राजेश गौतम, उमेश चंद्र आदि उपस्थित रहे। ​


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