सिद्धार्थनगर जनपद में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला शनिवार को अपर सत्र/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) वीरेन्द्र कुमार की अदालत ने सुनाया। यह मामला थाना गोल्हौरा क्षेत्र से संबंधित है। वर्ष 2021 में एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप सामने आया था। सुनवाई के दौरान, अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। गवाहों के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य अभिलेखों को भी अदालत में पेश किया गया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी फूलचंद्र (पुत्र भुइयादीन, निवासी मझील गांव, थाना खागा, जनपद फतेहपुर) को दोषी पाया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पवन कर पाठक ने अदालत में पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने यह निर्णय दिया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिगों से जुड़े मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में अदालतें अपराध की प्रकृति, पीड़ित की उम्र और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सजा तय करती हैं। अदालत के फैसले के बाद, आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया। मामले से जुड़ी आगे की कानूनी औपचारिकताएं नियमानुसार जारी हैं।
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