वरिष्ठ नागरिक पेंशन सेवा संस्थान, उत्तर प्रदेश के बैनर तले शनिवार को सिद्धार्थनगर में रिटायर्ड कर्मचारियों ने प्रशासन को चेतावनी भरा संदेश दिया। सैकड़ों पेंशनरों ने जिला अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा के नेतृत्व में मुख्यालय के बाहर कटोरी और चम्मच बजाकर अनोखा प्रदर्शन किया। इसके बाद वे सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में संगठन के मंत्री राम शंकर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, उपाध्यक्ष नवीन कुंवर श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष रामरूप यादव, संगठन मंत्री दस्तगीर खान समेत सैकड़ों वरिष्ठ नागरिक शामिल थे। उन्होंने एकजुट होकर राज्य के पेंशनरों की लंबित समस्याओं को तत्काल निस्तारित करने की मांग की। ज्ञापन में पेंशनरों की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख किया गया। इनमें डिजिटल लॉकर एवं साइबर ट्रेजरी के बावजूद डिजिटल परिचय-पत्र न मिलना और पेंशन सलाहकार समिति में ग्रामीण अंचलों तक सक्रिय पेंशनर संगठनों को शामिल न करना शामिल है। अन्य समस्याओं में पुत्रवधू को आश्रित श्रेणी में न रखने से विधवा बहुओं के जीवनयापन में कठिनाई, जिला अस्पतालों और मुख्य चिकित्साधिकारी स्तर पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरणों का लंबित रहना, तथा जीवित प्रमाण-पत्र जमा करने एवं पेंशन भेजने में मोबाइल नंबर लिंक न होना प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त, मृतक पेंशनरों के प्रकरणों में अनावश्यक विलंब, चिकित्सा प्रतिपूर्ति पर आयकर की कटौती, निजी चिकित्सालयों में पंडित दीन दयाल उपाध्याय कैशलेस हेल्थ-कार्ड सुविधा न मिलना और पेंशन निदेशालय तथा कोषागार के बीच समन्वय की कमी जैसी शिकायतें भी दर्ज की गईं। पेंशनरों ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में संशोधन कर उन्हें सम्मिलित करने, लंबित शासना देशों को तत्काल लागू कराने और जिला व प्रदेश स्तर पर मासिक समीक्षा अनिवार्य करने की भी मांग की। संस्थान ने कहा कि इन समस्याओं के कारण पेंशनरों में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संकट पैदा हो रहा है, जो शासन की वरिष्ठ नागरिक सम्मान नीति के भी खिलाफ है। जिला अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा ने चेतावनी दी कि “अगर हमारी मांगे पूरी नहीं होती हैं तो हम पूरे प्रदेश में अनोखा प्रदर्शन करेंगे।” उन्होंने जिला कलेक्टर से उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर समस्याओं के समाधान का आग्रह किया।
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