सिद्धार्थनगर जिले में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर बना रहा। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी लगभग 50 मीटर तक सीमित हो गई। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और लगातार गिर रही सीत के कारण गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को हेडलाइट व फॉग लाइट का इस्तेमाल करना पड़ा। बाजारों में भी सुबह 10 बजे तक सामान्य से कम भीड़ देखी गई। कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का सबसे अधिक प्रभाव देखा जा रहा है, जिसके चलते जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि, यह ठंडी लहर और सीत किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि सीत खेतों में प्राकृतिक खाद का काम कर रही है, जिससे गेहूं की फसल को काफी लाभ मिल रहा है। ठंड के कारण खेतों में नमी बनी हुई है, जो गेहूं की बढ़वार के लिए अनुकूल मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की ठंड और सीत गेहूं की जड़ों को मजबूत करती है और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम जताई है। प्रशासन ने लोगों से सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की अपील की है।
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