सहारनपुर नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाइसेंस नहीं बनवाने या नवीनीकरण न कराने वाले नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालकों और अन्य व्यवसायियों को कड़ी चेतावनी दी है। निगम ने कहा है कि ऐसा न करने पर अगले साल दोगुनी पेनल्टी के साथ शुल्क वसूला जाएगा। इसी क्रम में, 6 और 7 फरवरी को आईएमए भवन, हकीकत नगर में दो दिवसीय विशेष लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर मुख्य रूप से नर्सिंग होम और डॉक्टरों के लिए है, हालांकि अन्य व्यवसायी भी यहां अपने लाइसेंस बनवा या नवीनीकृत करा सकते हैं। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर पांच कर्मचारियों की एक विशेष टीम तैनात की गई है, ताकि आवेदकों का काम मौके पर ही निपटाया जा सके और उन्हें निगम कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कर अधीक्षक (लाइसेंस) सुधीर शर्मा ने बताया कि आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा ने महापौर डॉ. अजय कुमार को पत्र लिखकर इस शिविर के आयोजन का अनुरोध किया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। शिविर में पुराने लाइसेंसों का नवीनीकरण और नए लाइसेंस बनवाने की सुविधा उपलब्ध होगी। लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आने वाले आवेदकों को अपनी पुरानी शुल्क रसीद साथ लानी होगी। वहीं, नया लाइसेंस बनवाने के इच्छुक व्यक्तियों को आधार कार्ड, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी पंजीकरण की प्रति और पासपोर्ट साइज फोटो प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। नगर निगम ने केवल डॉक्टरों ही नहीं, बल्कि होटल, ढाबा, बेकरी, मेडिकल स्टोर, स्कूल-कॉलेज और खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों सहित सभी संबंधित व्यवसायियों से भी लाइसेंस शुल्क जमा करने की अपील की है। निगम के आंकड़ों के अनुसार, अभी तक केवल 58 शराब कारोबारियों ने लाइसेंस बनवाया है, जबकि 8 ने शुल्क जमा नहीं किया है। इन्हें शुल्क जमा करने के लिए दो दिन की मोहलत दी गई है, जिसके बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है, अन्यथा अगले वर्ष अधिक शुल्क और पेनल्टी का भुगतान करना पड़ेगा।
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