कासगंज में जिला सर्राफा एसोसिएशन ने शनिवार को प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन पुरानी गिरवी के नाम पर सर्राफा कारोबारियों पर हो रहे अवैध दबाव, भयादोहन और उत्पीड़न को रोकने तथा संरक्षण प्रदान करने की मांग को लेकर दिया गया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कासगंज सहित पूरे प्रदेश के सर्राफा कारोबारियों के समक्ष एक गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। कुछ लोग सुनियोजित ढंग से सर्राफा व्यापारियों की दुकानों पर पहुंचकर भय और दबाव का माहौल बना रहे हैं। ये लोग छह से आठ वर्ष या उससे अधिक पुरानी गिरवी के आभूषण/माल वापस करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वे इसके लिए कोई वैध दस्तावेज, रसीद या अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल मौखिक दावों के आधार पर दबाव बना रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया कि प्रचलित व्यापारिक नियमों और वैधानिक व्यवहार के अनुसार, गिरवी लेनदेन एक निर्धारित अवधि और शर्तों के अधीन होता है। यदि कोई ग्राहक नियत समय पर ब्याज का भुगतान नहीं करता और लगातार तीन वर्ष से अधिक समय तक न तो ब्याज जमा करता है और न ही हिसाब करता है, तो ऐसी गिरवी नियमानुसार समाप्त मानी जाती है। ऐसी स्थिति में व्यापारी को उसके निस्तारण का अधिकार प्राप्त होता है। इस प्रकार के कृत्यों से व्यापारियों में भय, असुरक्षा और तनाव का माहौल है, जो विधि-विरुद्ध होने के साथ-साथ जिले के व्यापारिक वातावरण और कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। एसोसिएशन ने मंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया। एसोसिएशन ने मांग की कि सर्राफा व्यापारियों को अवैध दबाव और भयादोहन से संरक्षण दिलाया जाए। बिना वैध अभिलेख के पुराने गिरवी दावों के नाम पर दबाव बनाने वाले तत्वों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आवश्यक होने पर सर्राफा व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं।
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