गोरखपुर के बेलघाट थाना क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में क्लास 4-5 में पढ़ने वाली 3 छात्राओं के साथ 56 साल के टीचर अश्लील हरकत करता था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बुधवार को आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया है। छात्राओं का आरोप है कि टीचर न्यूड वीडियो दिखाता था, इसके बाद कपड़े में हाथ डालकर बैड टच कर अश्लील हरकत करता था। विरोध करने पर वह उन्हें डांट-फटकार लगाकर चुप रहने की धमकी देता था। पीड़ित छात्राओं ने साहस जुटाकर यह बात अपने परिजनों को बताई। परिजनों ने लगभग एक सप्ताह पहले बेलघाट थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि टीचर लंबे समय से छात्राओं का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहा है। आरोप है कि इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने तत्काल सख्त कार्रवाई करने के बजाय कथित तौर पर सुलह का दबाव बनाना शुरू कर दिया। अब जानें पूरा मामला
बेलघाट थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली तीन छात्राएं वहां के एक सरकारी स्कूल में चौथीं व पांचवीं में पढ़ती हैं। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाने वाले एक 56 साल के टीचर पिछले कई दिनों से उन्हें अपने पास बुलाकर मोबाइल में न्यूड वीडियो और फोटो दिखाते थे। इसके साथ ही बैड टच भी करते थे। छात्राओं की शर्ट के अंदर हाथ भी डालते थे। शिकायत पर डांट-फटकार कर चुप रहने की धमकी देते थे। इससे तंग आकर उन्होंने एक सप्ताह पहले आपबीती परिजनों से बताई। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बाद पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए टीचर को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया, लेकिन बाद में बिना मुकदमा दर्ज किए उसे छोड़ दिया गया। इससे छात्राओं और उनके परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। उनका कहना है कि आरोपी की रिहाई के बाद बच्चों पर दबाव बढ़ गया और वे मानसिक रूप से टूटने लगीं। मामले में हुई देरी और पुलिस की कथित उदासीनता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे। थानाप्रभारी विकास नाथ से लेकर क्षेत्राधिकारी की भूमिका को संदिग्ध बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि किसी भी स्तर के अधिकारी ने इस संवेदनशील मामले पर खुलकर स्थिति स्पष्ट नहीं की। न तो समय से एफआईआर दर्ज की गई और न ही यह बताया गया कि आरोपी टीचर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जब मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो एक सप्ताह बाद पुलिस हरकत में आई। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए गए हैं।
यूट्यूबर ने टीचर को ब्लैकमेल कर रुपये लिए
जांच में सामने आया है कि थानाक्षेत्र के ही रहने वाले दो यूट्यूबरों ने पीड़ित नाबालिग छात्राओं की आपबीती का वीडियो बना लिया। आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में शिकायत दर्ज कराने के बजाय दोनों यूट्यूबरों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते हुए आरोपी टीचर को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से टीचर ने शुरुआती तौर पर कुछ रुपये दोनों यूट्यूबरों को दे भी दिए। इसके बाद उनसे और अधिक रुपये की मांग की जाने लगी। जब यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो दोनों यूट्यूबरों के खिलाफ भी ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की संवेदनशील जानकारी या वीडियो का दुरुपयोग गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश कुमार ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही टीचर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ चल रही है। गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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