मेरठ में शहर विधानसभा से सपा विधायक रफीक अंसारी ने जिला प्रशासन पर चुनाव आयोग के आदेशों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों से बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) अपने निर्धारित कार्य स्थलों पर अनुपस्थित पाए जा रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वें सिटी मजिस्ट्रेट नवीन श्रीवास्तव से शिकायत करने पहुंचे। विधायक के अनुसार, बीएलओ को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने बूथों पर मौजूद रहना था, लेकिन 90% से अधिक बीएलओ अनुपस्थित मिले। वें यह शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, और जो बीएलओ अनुपस्थित थे उनका डाटा जिला प्रशासन को दिया। मुस्लिम इलाकों में बीएलओ अनुपस्थित, यह साजिश का हिस्सा
उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुनाव आयोग के आदेशों का उल्लंघन है और शहर के विधानसभा क्षेत्र के एआरओ (सहायक रिटर्निंग अधिकारी) अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। विधायक ने आशंका जताई कि विशेष रूप से मुस्लिम बहुल बूथों पर नए मतदाताओं को जोड़ने में भेदभाव किया जा रहा है, जो एक साजिश का हिस्सा हो सकता है। विधायक ने यह भी बताया कि कल कांग्रेस ने भी आरोप लगाया था कि मुसलमानों से अलग दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जबकि हिंदुओं से अलग। उन्होंने इस आरोप को सही ठहराते हुए कहा कि कई अधिकारी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं।
नए मुस्लिम मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नहीं कर रहे शामिल
उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी भारत सरकार के चुनाव आयोग के अधीन हैं और उन्हें आदर्श आचार संहिता का पालन करना चाहिए। चुनाव आयोग का स्पष्ट आदेश है कि कोई भी मतदाता छूटने न पाए, और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक मतदाता छूट न जाए और फर्जी मतदान न हो। जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह साजिश का हिस्सा है कि पहले तो बड़ी संख्या में ड्राफ्ट सूची से लोगों के नाम काट दिए गए। अब उनकी सुनवाई तक नहीं हो रही।मुस्लिम लोग नई वोट बनवाने के लिए जा रहे हैं। उसने भेदभाव किया जा रहा है।
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