मेरठ के सदर स्थित जगन्नाथ मंदिर के प्रबंधन विवाद पर पुरातत्व विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने जिलाधिकारी मेरठ डॉ वीके सिंह को मंदिर में रिसीवर नियुक्त करने का आदेश दिया है। यह निर्णय मंदिर की दो समितियों के बीच चल रहे लगातार विवादों के बाद लिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग को इस संबंध में एक पत्र लिखा था। विभाग के निदेशक रेणु द्विवेदी द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बिल्वेश्वर नाथ मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट और श्री भगवान जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के बीच आए दिन विवाद होता रहता है। पत्र में कहा गया है कि इन विवादों के कारण राज्य संरक्षित स्मारक बिल्वेश्वर नाथ मंदिर पर प्रतिदिन वाद-विवाद उत्पन्न होता है। ऐसे में, दोनों ट्रस्टों को जिला प्रशासन के अधीन लेने और मंदिर परिसर में कुएं की साफ-सफाई की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि बिल्वेश्वर नाथ मंदिर को उत्तर प्रदेश सरकार की अधिसूचना के तहत 1967 में राज्य स्मारक घोषित किया जा चुका है। रिसीवर की नियुक्ति के बाद मंदिर को लेकर विवाद करने वाली दोनों ही समितियों का कोई हस्तक्षेप नहीं रह जाएगा। इसके अतिरिक्त, मंदिर में वर्तमान में रह रहे परिवारों को भी अब मंदिर छोड़ना होगा। रिसीवर नियुक्त होने के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए नए पुजारी भी नियुक्त किए जा सकते हैं।
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