बुलंदशहर में विद्युत लाइन बिछाने के नाम पर सड़क खुदाई में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मोहनकुटी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए 8.30 करोड़ रुपये की लागत से 33 केवीए की विद्युत लाइन बिछाई गई थी। इस परियोजना में लगभग दो करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है। टेंडर में लगभग 400 मीटर सड़क निर्माण और खुदाई का प्रस्ताव था। हालांकि, कार्य पूरा होने के बाद करीब चार किलोमीटर सड़क काटने के बिल लगाए गए। अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण में सामने आया कि अधिकांश स्थानों पर लाइन सड़क किनारे से बिछाई गई थी और सड़क को काटा ही नहीं गया था। इसके बावजूद सड़क खुदाई और मरम्मत के नाम पर भारी भुगतान दर्शाया गया। इस मामले के उजागर होने के बाद ऊर्जा निगम में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क खुदाई किए बिना ही कई गुना अधिक लंबाई की खुदाई दर्शाकर बिल पास कराए गए। यह कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन के दुरुपयोग का स्पष्ट संकेत है। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच शुरू होने के बाद से विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
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