संभल के विकास क्षेत्र असमोली अंतर्गत ग्राम पंचायत असगरीपुर में 2011-12 में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित है। केन्द्रीय वित्त पोषित मल्टी सेक्टोरल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट प्लान के तहत बना यह कॉलेज 15 साल से निष्क्रिय पड़ा है। कॉलेज का भवन, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और अन्य आधारभूत संरचनाएं वर्षों पहले ही पूर्ण हो चुकी थीं। लेकिन उद्घाटन और संचालन न होने के कारण यह संस्थान अब तक शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज के शुरू न होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर-दराज के जिलों में जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह स्थिति और भी कठिन है, जिससे कई छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि यह पॉलिटेक्निक कॉलेज समय पर संचालित हो जाता तो क्षेत्र के युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा मिल सकती थी और स्थानीय स्तर पर कौशल विकास को बढ़ावा मिलता। इस संबंध में हाल ही में मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि शैक्षणिक सत्र 2026 से राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज असगरीपुर में नियमित रूप से शिक्षण कार्य प्रारम्भ कराया जाए। साथ ही, यह भी अनुरोध किया गया है कि कॉलेज के संचालन में हुई देरी के कारणों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि जिम्मेदारियों का निर्धारण हो सके और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के बीच इस तरह की परियोजनाओं का वर्षों तक अनुपयोगी रहना चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र निर्णय करेगी और क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।
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