संभल में बाल विवाह की दो अलग-अलग सूचनाएं झूठी निकलीं। पुलिस और प्रशासन की जांच में दोनों लड़कियां बालिग पाई गईं। इसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेरकर हंगामा भी किया। पहला मामला चंदौसी तहसील के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव का है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे चंदौसी एसडीएम आशुतोष तिवारी को गांव में बाल विवाह की सूचना मिली। नायब तहसीलदार सतेंद्र चाहर पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम ने दुल्हन को अपनी देखरेख में लिया और थाने लाने लगी, तो ग्रामीणों ने गाड़ियों को घेर लिया। कड़े विरोध के बीच अधिकारी लड़की को थाने ले गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। पुलिस ने आश्वासन देकर परिवार और ग्रामीणों को शांत किया। प्रधान और परिजनों सहित ग्रामीणों ने चंदौसी मजिस्ट्रेट के नाम 10 एफिडेविट दिए। थाना प्रभारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की गई है और प्रधान सहित गांव के 10 लोगों के एफिडेविट के बाद लड़की को परिजनों को सौंपा गया है। लड़की की शादी आज ही है। इसी तरह का दूसरा मामला संभल तहसील के कैलादेवी थाना क्षेत्र के ठाठी गांव का है। यहां डायल 112 पुलिस को बालिग लड़की को नाबालिग बताकर बाल विवाह रोकने की सूचना दी गई। पुलिस टीम गांव पहुंची और जांच पड़ताल में लड़की बालिग मिली। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार वर्मा ने स्वयं जांच की। परिवार रजिस्टर में लड़की की जन्मतिथि वर्ष 2003 दर्ज थी। इसके बाद CWC को कागजात भेजे गए। बालिग होने की पुष्टि होने के बाद लड़की को परिजनों को सुपुर्द किया गया। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि लड़की की शादी आज है और बारात आ रही है। बाल विवाह की सूचना पुलिस एवं प्रशासन को देखकर शादी रुकने का प्रयास किया गया। फर्जी सूचना मिलने के बाद अब कॉल करके भ्रमित करने वाले दोनों लोगों की तलाश पुलिस कर रही है। गांव ठाठी में तो किसी तरीके का विरोध देखने को नहीं मिला, लेकिन गांव गुमथल में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया।
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