संभल में लेखपाल से मारपीट के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम प्रधान पति और उसके सहयोगियों के कब्जे से चार बीघा तालाब को बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया गया। इस तालाब पर अवैध रूप से लेटा और बरसिंग की फसल उगाई जा रही थी, जिसे हटाकर अब तालाब को पुनर्जीवित करने का काम शुरू कर दिया गया है। यह पूरा मामला संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के गांव मातीपुर का है। लेखपाल सुभाष चंद्र पुत्र हरपाल सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राम प्रधान पति गजराम सिंह पुत्र मवासी ने मनौटा पुल पर उन्हें अपनी काली स्कॉर्पियो से घेर लिया। गाड़ी के अंदर गजराम सिंह के भाई महिलाल, नन्हे पुत्र शकुरुद्दीन और एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की। लेखपाल के बाएं हाथ की एक उंगली में चोट आई है, जबकि सिर में गुम चोट लगने की शिकायत भी की गई है। पुलिस ने लेखपाल की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर घायल लेखपाल का मेडिकल कराया है। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लेखपाल सुभाष चंद्र के साथ ग्राम प्रधान पति गजराम सिंह और उसके साथियों ने मारपीट की थी। जिस तालाब को लेकर यह पूरा विवाद हुआ है, उसकी पैमाइश के बाद उसे खाली करा लिया गया है और अब उस पर प्रशासन का कब्जा है। यह चार बीघा भूमि थी, जिस पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी।
तहसीलदार ने यह भी बताया कि जिन लोगों का इस भूमि पर कब्जा था, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। लेखपाल सुभाष चंद्र ने बताया कि उन्होंने 31 दिसंबर को गांव में इस तालाब को चिन्हित किया था। जब वह इसकी पैमाइश कर कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी लोकेशन लेकर उन्हें घेर लिया गया। लेखपाल ने ग्राम प्रधान पति और उसके साथ मौजूद तीन अन्य लोगों का विरोध किया, जिसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
थाना असमोली पुलिस को दी गई शिकायत में लेखपाल ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान पति गजराम की सहमति पर नन्हे पुत्र शकरुद्दीन, इकरार, अनादिल, फुरकान, आरिफ और अरकान ने तालाब की भूमि पर फसल बोकर अवैध कब्जा कर रखा था।
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