संभल में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी और आयशा विकास समिति ने एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया। यह कार्यक्रम शहर के लाडम सराय स्थित एक निजी पैलेस सभागार में संपन्न हुआ। इसमें दूर-दराज से आए शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मुशायरे की अध्यक्षता मशहूर शायर जहीर अहमद राही ने की। जबकि संचालन सैयद मौ हाशिम ने किया। मुख्य अतिथि राकेश कुमार वशिष्ठ ने अपने संबोधन में कहा कि मुशायरे केवल साहित्यिक आयोजन नहीं होते, बल्कि ये समाज को जोड़ने और भाईचारे का संदेश फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने उर्दू भाषा को गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान बताते हुए ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने पर जोर दिया। शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, मानवीय भावनाओं, प्रेम और जीवन की सच्चाइयों को प्रस्तुत किया। श्रोताओं ने तालियों और ‘वाह-वाह’ की गूंज से उनका उत्साह बढ़ाया। कई शेरों पर ‘सुब्हान अल्लाह’ की आवाज़ें भी सुनाई दीं।इस मुशायरे में जहीर राही, अब्दुल हमीद तारिक लालपुरी, जमशेद माहिर हापुड़ी, इक़रार आग़ानपुरी, आदिल रतनपुरी, घाकुल राज, जरीर अमरोही, अशफ़ाक़ जैदी रामपुरी और निसार मुरादाबादी सहित कई अन्य शायरों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजकों ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक और सभी शायरों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजन किए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी को उर्दू साहित्य और संस्कृति से जोड़ा जा सके।इस मुशायरे ने न केवल शायरी प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी प्रसारित किया।
https://ift.tt/swv8lrI
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply