श्रावस्ती जिले में कचरा निस्तारण और साफ-सफाई में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जमुना ब्लॉक क्षेत्र में कार्यरत आठ सफाई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मीडिया रिपोर्टों और स्थानीय निरीक्षण के आधार पर की गई। निलंबित किए गए कर्मचारियों में श्रीमती पिंकी (ग्राम रतनापुर), श्री विश्राम (ग्राम हरदत्तनगर गिरण्ट), श्री सुरेश कुमार (ग्राम मनवरिया भोजा), श्री पेशकार (ग्राम भगवानपुर), श्री नाटू (ग्राम बैजनाथपुर), श्री इमामुद्दीन (ग्राम तिवारीगाँव), श्री बलराज (ग्राम महादेवा) और श्रीमती मुनेश्वरा देवी (ग्राम रानीसीर) शामिल हैं। जिला पंचायत के अनुसार, इन कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का ठीक से पालन नहीं किया। इसके परिणामस्वरूप, कई गाँवों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे मिले। इसके अतिरिक्त, कई कूड़ा निस्तारण केंद्रों के गेट गायब थे और टीनशेड क्षतिग्रस्त पाए गए। अधिकारियों ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया। निलंबन आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबित कर्मचारियों को अर्धवेतन जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। उन्हें विकास खंड कार्यालय जमुनहा से संबद्ध किया गया है। उनकी जांच सहायक विकास अधिकारी श्री दिग्विजय सिंह (जमुनहा), श्री विनोद कुमार अवस्थी (सिरसिया) और श्री तेज बहादुर (गिलौला) द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, ये सफाई कर्मी सरकारी वेतन लेने के बावजूद गाँवों में नियमित सफाई नहीं कर रहे थे। कई स्थानों पर जमा कचरे, गंदी गलियों और बजबजाती नालियों के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था, जिसका असर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा था। इस कार्रवाई की खबर मिलते ही पूरे ब्लॉक में हड़कंप मच गया। जिन गाँवों में पहले सफाई का अभाव था, वहां अचानक झाड़ू लगने लगी, नालियों की सफाई शुरू हो गई और कर्मचारी काम पर सक्रिय दिखे। ग्रामीणों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि स्वच्छता कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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