मिर्जापुर के कटका में हुए भीषण सड़क हादसे में मौत का शिकार बने चार लोगों में कार चालक डॉ. अनुराग यादव और उनके शिक्षक पिता श्याम कृष्ण यादव के शवों का अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर प्रयागराज के रसूलाबाद घाट पर किया गया। दृश्य इतना हृदय विदारक था कि घाट पर मौजूद हर कोई नम आंखों से इस दर्द को देखता रह गया। परिवार ने पिता-पुत्र के लिए एक ही जगह चिता सजाई और बड़े बेटे, सीबीआई इंस्पेक्टर अभिनव कृष्ण ने इन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। महिलाएं दरवाजे पर ही बेसुध होकर गिर पड़ीं
शुक्रवार की देर रात, पोस्टमॉर्टम के बाद भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य भुवसेन उर्फ हिंदू अभिषेक यादव दोनों शवों को लेकर सोरांव स्थित दौलतपुर खरगापुर पहुंचे। दो अलग-अलग एंबुलेंस से घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिवार की महिलाएं दरवाजे पर ही बेसुध होकर गिर पड़ीं। मृतक शिक्षक की पत्नी पति के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। वह बार-बार यही कहती रहीं— “मैंने रोका था जी… लेकिन आपने मेरी बात नहीं मानी। बेटे को भी साथ ले गए। अब किससे शिकायत करूं… कौन मेरी बात सुनेगा?” इतना कहकर वह बेटे के शव पर गिरकर होश खो बैठीं। बड़े बेटे सीबीआई इंस्पेक्टर भी खुद को संभाल न सके
मां की यह हालत देखकर बड़े बेटे और सीबीआई इंस्पेक्टर अभिनव कृष्ण भी खुद को संभाल न सके। रोते-रोते उन्होंने मां को उठाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बेहोशी गहराती गई तो डॉक्टर बुलाना पड़ा। पूरा घर मातम में डूब गया, और हर तरफ सिर्फ विलाप की आवाजें थीं। भाभी मंजू देवी ने रोते हुए बताया- दो साल पहले ही पिता श्याम कृष्ण यादव को माउथ कैंसर होने की जानकारी मिली थी। मुंबई के प्रतिष्ठित अस्पताल में उनका ऑपरेशन कराया गया था। डॉक्टरों ने हर तीन महीने में रूटीन चेकअप के लिए बुलाना तय किया था। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे होम्योपैथी डॉक्टर बेटा अनुराग पिता को बाइक से सोरांव ले गया, जहां से दोनों कार लेकर बनारस के लिए निकले थे। परिवार को क्या पता था कि पिता को स्वस्थ कराने निकला बेटा खुद पिता के साथ हमेशा के लिए दुनिया छोड़ देगा। पिता-पुत्र की एक साथ जली चिता
मृतक की पत्नी विमला देवी घटना को याद कर बार-बार बेसुध हो उठती हैं। वह कहती हैं कि गुरुवार रात पति और बेटा बनारस जाने की तैयारी कर रहे थे। मैंने कहा था कि ग्रह-योग सही नहीं हैं, कल मत जाइए… लेकिन दोनों ने मेरी बात सुनने के बजाय मुझे ही चुप करा दिया। आज किससे शिकायत करूं, मेरी बात कौन सुनेगा?” इतना कहते ही वह जोर-जोर से रोने लगीं। रसूलाबाद घाट पर जब पिता-पुत्र की एक साथ उठती चिता की लपटें आसमान छूने लगीं तो वहां खड़े लोगों की आंखें भर आईं। परिवार के दर्द ने पूरे गाव को शोक में डुबो दिया। गांव में हर तरफ सिर्फ एक ही बात थी— पिता की जान बचाने की कोशिश में किस्मत ने एक ही झटके में परिवार के दो-दो सहारे छीन लिए। अब जानिए कैसे हुआ था हादसा शुक्रवार की सुबह 4 बजे टीचर श्याम कृष्ण यादव डॉक्टर बेटे अनुराग यादव के साथ कार से बनारस के लिए घर से निकले। प्रयागराज स्थित घर से कार 65 किलोमीटर दूर मिर्जापुर मे हादसे का शिकार सुबह 7 बजे हुई।मिर्जापुर पुलिस ने सुबह 8 बजे परिवार को पिता पुत्र के मौत की दर्दनाक खबर बताई। दामाद जिप सदस्य हिन्दू अभिषेक यादव मिर्जापुर स्थित घटना स्थल पत्नी व भतीजी के साथ करीब 10 बजे पहुचे। मिर्जापुर पुलिस ने दामाद हिन्दू अभिषेक की तहरीर पर हादसे की एफआईआर दर्ज की। देर रात करीब 9 बजे पोस्ट-मार्टम कार्यवाही के बाद घर पहुचा। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे टीचर पिता व डाक्टर बेटे अनुराग का शव प्रयागराज के रसूलबाद गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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