कुशीनगर सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायालय कुशीनगर में कार्यरत शासकीय एवं सरकारी अधिवक्ताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह श्रीनेत ने आरोप लगाया कि न्यायालय में कार्यरत कई शासकीय अधिवक्ता अन्य अधिवक्ताओं और वादकारियों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके अनुसार, अदालत में गवाही और कार्यवाही कथित तौर पर धन के लेन-देन पर निर्भर हो गई है। रकम न देने पर संबंधित वाद को प्रभावित करने की धमकी दी जाती है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… श्रीनेत ने यह भी आरोप लगाया कि शासकीय अधिवक्ता सरकार से वेतन प्राप्त करने के बावजूद वकीलों और वादकारियों से अवैध रूप से धन की मांग कर रहे हैं। इससे न्यायिक प्रक्रिया और न्यायालय की गरिमा प्रभावित हो रही है। बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के महामंत्री नरेंद्र पति त्रिपाठी ने बताया कि विशेष रूप से जूनियर अधिवक्ताओं को कोर्ट परिसर में धमकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गवाही कराने के नाम पर रकम की मांग की जाती है और रकम न देने पर मुकदमे में सजा कराने तक की धमकी दी जाती है। वादकारियों पर भी मनचाहे अधिवक्ताओं को रखने का दबाव बनाया जाता है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने आरोपों में घिरे शासकीय अधिवक्ताओं को हटाकर बेदाग छवि वाले अधिवक्ताओं की नियुक्ति की भी मांग की। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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