बलिया में मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज की अध्यक्षता में माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक लैब स्थापित करना और उनके प्रभावी संचालन की रूपरेखा तैयार करना था। सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यावसायिक लैब केवल शो-पीस बनकर न रहें, बल्कि उनका नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। सीडीओ ने प्रधानाचार्यों को व्यावसायिक लैब का संचालन अपने स्तर से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चयनित लैब में प्राथमिकता के आधार पर वॉल पैनलिंग का कार्य कराया जाए, ताकि एक आधुनिक शैक्षणिक वातावरण बन सके। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक लैब में वाई-फाई (Wi-Fi) सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि लैब हर हाल में क्रियाशील होनी चाहिए। सामान रखकर लैब को बंद रखना या उसे ‘लाइब्रेरी’ की तरह लॉक रखना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यकता पड़ने पर लैब के रखरखाव और सुविधाओं के विस्तार के लिए ग्राम पंचायत और विकास खंड स्तर से भी आवश्यक सहयोग लिया जाएगा। लैब में पावर स्विच बोर्ड, विद्युत कनेक्शन और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्यार्थियों के बैठने के लिए उत्तम फर्नीचर की व्यवस्था हो, ताकि उन्हें लंबे समय तक प्रशिक्षण लेने में असुविधा न हो। व्यावसायिक शिक्षा हेतु 1.20 करोड़ रुपये की शिक्षण सामग्री 25 फरवरी 2026 तक सभी संबंधित विद्यालयों में पहुँच जाएगी। इन लैब के माध्यम से छात्रों को मुख्य रूप से आई.टी. (IT), डेटा एंट्री और रिटेल सर्विस जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में विधिवत ट्रेनिंग दी जाएगी।
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