बरेली में इंग्लैंड का वीज़ा दिलाने के नाम पर एक किसान परिवार से 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित द्वारा पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने उन पर गोली चलाने का प्रयास भी किया। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भुता थाना क्षेत्र के मुकुन्द नगला निवासी किसान गुरप्रताप सिंह ने बताया कि वह इंग्लैंड घूमने और अपने परिवार के सदस्यों को पढ़ाई के लिए वहां भेजना चाहते थे। इसी क्रम में उनकी मुलाकात रामपुर जिले के मिलक थाना क्षेत्र के चचोली गांव निवासी गुरुमुख सिंह से हुई। गुरुमुख ने खुद को एक प्रतिष्ठित ट्रैवल एजेंट बताया और गुरप्रताप को विश्वास में ले लिया। आरोपी गुरुमुख सिंह ने प्रति व्यक्ति 16 लाख रुपये में वीज़ा दिलाने का झांसा दिया, जिसके बाद कुल 64 लाख रुपये की डील तय हुई। गुरप्रताप सिंह के अनुसार, गुरुमुख ने विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई के माध्यम से लगभग 52.39 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए और 8 लाख रुपये नकद भी लिए। हालांकि, न तो वीज़ा मिला और न ही पैसे वापस किए गए। जब गुरप्रताप ने पैसे वापस मांगने का दबाव बनाया, तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब 20 नवंबर 2025 को गुरप्रताप सिंह अपनी चाची रणजीत कौर के साथ पैसे वापस मांगने आरोपी गुरुमुख सिंह के घर पहुंचे। आरोप है कि गुरुमुख ने दोनों को बातचीत के बहाने घर के अंदर बुलाया और फिर बंधक बना लिया। वहां अवैध हथियारों के बल पर उनके साथ मारपीट की गई। गुरप्रताप सिंह ने दावा किया कि गुरुमुख सिंह ने तमंचे से उन पर गोली चलाई, लेकिन गोली मिस फायर होने के कारण उनकी जान बच गई। किसी तरह वे दोनों वहां से भाग निकलने में सफल रहे। पीड़ित गुरप्रताप सिंह ने इस पूरी घटना को एक संगठित गिरोह की साजिश बताया है, जिसमें आरोपी गुरुमुख सिंह के परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। उन्होंने सीधे एसएसपी बरेली अनुराग आर्य से शिकायत की। एसएसपी के निर्देश पर भुता पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और हत्या के प्रयास सहित संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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