महोबा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रोकने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत एक बार फिर चर्चा में हैं। बृजभूषण राजपूत का एक कार्यक्रम के दौरान का वीडियो सामने आया है। जिसमें अपने पुराने आंदोलनों और विवादित बयानों को लेकर बोलते नजर आ रहे हैं। विधायक बृजभूषण राजपूत कहा, यह उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनता और विकास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वे अपनी बात सड़क पर रख रहे हैं तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों हो रही है। कहा, आप सब का आशीर्वाद रहा ये तो मंत्री जी को रोका है। जरुरत पड़ने पर मुख्यमंत्री को भी रोका जाएगा। विधायक ने कहा, यह जनता की और विकास की बात है। मैं यह बात कमरे में क्यों करूं, सड़क पर क्यों नहीं कर सकता? अगर मैंने सड़क पर अपनी बात रखी तो कुछ लोगों को दिक्कत क्यों हो रही है। कहा, वे किसी ठेके, पट्टे या पदोन्नति की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल क्षेत्र की समस्याएं उठा रहे हैं। ऐसे में उन्हें गलत ठहराना उचित नहीं है। यह मेरा विधायक वाला रूप विधायक ने कहा कि यह उनका विधायक वाला रूप है। उन्होंने बताया कि विधायक बनने से पहले वे बुंदेलखंड अधिकार सेना चलाते थे और बाद में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने। कहा, जब से भाजपा का सदस्य बना हूं, मैं पार्टी के अनुशासन में रहता हूं। पुराने आंदोलनों का किया जिक्र बृजभूषण राजपूत ने अपने पुराने आंदोलनकारी जीवन का भी जिक्र किया। कहा, जब वे विधायक नहीं थे और कांग्रेस की सरकार थी, तब झांसी के तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के घर जाकर उन्हें बंधक बनाया था।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से पत्र आने के बाद ही मंत्री को छोड़ा गया। जिसमें बुंदेलखंड की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की बात कही गई थी। कहा कि अधिकारी जो काम नहीं करता था, उसे चूड़ियां और पेटीकोट पहनवा देते थे। बंधक बनाना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। पढ़िए पूरा मामला… 30 जनवरी को भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भिड़ गए थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। तभी विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया था। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दिया था। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई थी। मंत्री से विधायक ने कहा था- अफसर हमारी सुनते ही नहीं
विधायक बृजभूषण की नाराजगी को देखते हुए मंत्री ने उनको अपनी गाड़ी में बैठा लिया था। तब भी विधायक हाथ पर हाथ पटकते हुए मंत्री से यही कहते रहे कि जितने भी मेरे प्रधान आए हैं, उन सभी के गांवों में समस्या है। हर घर नल योजना में जमकर लापरवाही हुई है। आप लोग कुछ भी नहीं देखते। ग्राउंड की समस्या बहुत बड़ी है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया था। कहा था कि अफसर हमारी बात सुनते ही नहीं हैं। मंत्री का साथ हुई बैठक के बाद विधायक ने कहा था कि मंत्री ने अफसरों को 20 दिन में समस्याएं दूर करने का समय दिया है। अब 20 दिन में देख लेंगे कि अफसर मंत्री की बातों को कितना मानते हैं। आने वाले दिनों में जिसे रोकने की जरूरत पड़ी, उसे रोकेंगे। मुझे चाहे जो लड़ाई लड़नी पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जानिए कौन हैं बृजभूषण राजपूत?
चरखारी (महोबा) से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत का जन्म 28 मई, 1982 को उरई (जालौन) में हुआ था। उनके पिता गंगा चरण राजपूत 3 बार लोकसभा सांसद (1989, 1996, 1998) और राज्यसभा सांसद (2009) रह चुके हैं। बृजभूषण राजपूत की शादी 9 मई, 2005 को कनक लोधी के साथ हुई थी। उनके दो बेटे हैं। बृजभूषण राजपूत को राजनीतिक टकराव विरासत में मिला है। उनके पिता गंगा चरण राजपूत यूपी की राजनीति में विवादों और दलबदल के लिए जाने जाते थे। गंगा चरण राजपूत जनता दल, भाजपा, कांग्रेस और बसपा में रहे हैं। बुंदेलखंड में बिजली-पानी और ओबीसी मुद्दों पर उन्होंने कई आंदोलन किए। 18 मई, 2004 को यूपीए की जीत के बाद जब सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने की चर्चा चली और उन्होंने पद ठुकराया, तब दिल्ली में कांग्रेस दफ्तर के बाहर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ था। गंगा चरण राजपूत कार की छत पर चढ़े, पिस्टल लहराई और अपनी ही कनपटी पर तानते हुए धमकी दी कि अगर सोनिया गांधी PM नहीं बनीं, तो वे खुद को गोली मार लेंगे। आज उसी सियासी तेवर की झलक बेटे बृजभूषण राजपूत में दिख रही है। उनका संदेश साफ है कि अगर काम नहीं होगा तो बवाल होगा। ————————– यूपी में अप्रैल-जुलाई के बीच होंगे पंचायत चुनाव:मंत्री ओपी राजभर बोले- बैलेट पेपर जिलों में पहुंचे, 28 फरवरी को आएगी वोटर लिस्ट
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मंगलवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा- यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएंगे। राजभर योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं। मंगलवार को वे वाराणसी में थे। उन्होंने पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के साथ होने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
https://ift.tt/XDuC7pP
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply