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विकसित भारत 2047 का राजमार्ग है बजट:डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- बजट में 140 करोड़ देशवासियों का भरोसा

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल के बजट को अवसरों का राजमार्ग कहा है। यह वह राजमार्ग है जो उनके विकसित भारत 2047 के सपनों को सच करेगा। यह सपना केवल प्रधानमंत्री जी का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का भी है। इसमें भरोसा है। इसमें रास्ता है। इसमें सुखद भविष्य की आहट है। यह बजट इसलिए भी खास है क्योंकि यह नए कर्तव्य भवन में तैयार हुआ पहला बजट है। डिप्टी सीएम का कहना है कि दिलचस्प है कि यह बजट तीन लक्ष्यों का संगम है- आर्थिक विकास को गति देना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और सुशासन व तकनीक के साथ सबको साथ लेकर चलना। यह नए भारत और उसकी कर्त्यव्य प्रधान नई कार्य संस्कृति की नई सोच का प्रतिबिंब है। यह बजट ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं से गुजर रही है, लेकिन भारत की आंतरिक आर्थिक स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के अनुसार, भारत की विकास दर प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक बनी रहने की संभावना है। ऐसे में यह बजट स्थिरता बनाए रखने के साथ साथ दीर्घकालीन सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को गति देने का प्रयास करेगा। आज भारत एक ऐसे दौर में है जहां सपने भी हैं और सपनों के साथ सामर्थ्य भी। हम आकांक्षी हैं, और आत्मविश्वासी भी। प्रधानमंत्री मोदी जी की सोच सदैव यही रही है चुनौतियों को अवसर में बदलना। उनके कुशल नेतृत्व में यह बजट और आज का भारत दोनों इसी को लेकर अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहा हैं। यह गरीब को आधार देता है, किसान को संबल देता है, महिला को अवसर देता है और युवा को भविष्य सौंपता है। युवा ही देश की सबसे बड़ी पूंजी डिप्टी सीएम का कहना है कि भारत आज एक युवा देश है। 35 वर्ष से कम आयु की आबादी 65 प्रतिशत से अधिक है। युवा ही देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। पिछले वर्षों में रोज़गार मेलों के माध्यम से ग्यारह लाख से अधिक युवाओं को नियुक्ति-पत्र दिए जा चुके हैं। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है। यह बजट युवाओं को साफ संदेश देता है कि सरकार उन्हें विकास के इंजन के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण का मजबूत भागीदार भी मानती है। युवा उद्यमियों के लिए दस हजार करोड़ रुपये का SME फंड रोजगार और नए अवसरों के दरवाजे खोलेगा। हुनर, नवाचार और साहस युवाओं की यही त्रिवेणी देश को आगे ले जाएगी, ऐसा हम सबको भरोसा है। मोदी सरकार इसे समझती है और इसीलिए उनका युवाओं पर शत-प्रतिशत विश्वास है। महिला सशक्तिकरण के अद्भुत मिसाल महिला सशक्तिकरण भी इस बजट का एक महत्त्वपूर्ण स्तम्भ है। यह भी सुखद योग है कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने बतौर महिला 9वीं बार केंद्रीय बजट पेश किया है। महिला सशक्तिकरण की यह एक अदभुत मिसाल है। मोदी सरकार 2014 से ही महिला सशक्तिकरण पर खास ध्यान दे रही है। महिला छात्रावास, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता ये सब इस बात के संकेत हैं कि अब महिला को केवल सुरक्षा नहीं, सम्मान और स्वावलंबन भी दिया जा रहा है। महिलाओं को घर की देहरी से आगे, अर्थव्यवस्था के बीचो-बीच लाने की मंशा साफ़ है। लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता के बाद अब महिलाओं को उद्यमी बनाने पर ज़ोर है। शी-मार्ट्स (महिला स्व-सहायता समूह बाजार) – ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों की पहुंच सीधे बाजारों तक होगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करोड़ों महिलाएं आज स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने के साथ-साथ अपने परिवार को मजबूत कर रही हैं। कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा केशव प्रसाद का मानना है कि कृषि क्षेत्र के लिए 1.3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। नारियल की खेती से लगभग तीन करोड़ लोग जुड़े हैं। कोकोनट प्रमोशन स्कीम भी शुरू की जाएगी। काजू और कोको को 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान के लिए तकनीक को साथी बनाया गया है। भारत-विस्तार नाम का एआई आधारित कृषि मंच किसानों को उनकी ही भाषा में सलाह देगा। बहुभाषी होने के कारण हर राज्य का किसान अपनी जुबान में जानकारी पा सकेगा। फसल चुनने से लेकर बाज़ार तक पहुंचने में यह मंच किसान के साथ चलेगा। पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों में मतस्य पालन का विकास होगा। महिला समूहों और मतस्य किसानों को इससे जुड़े स्टार्टअप्स से जोड़ा जाएगा। किसी भी देश को मजबूत बनाने की पहली सीढ़ी होती है गांव। भारत की आत्मा गांवों में बसती है और यह बजट इस सच्चाई को समझता है। खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने वाली महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल गांवों में रोज़गार की नई धारा बहाएगी। यह बजट स्वदेशी के आंदोलन को भी बढ़ावा देगा। यही आत्मनिर्भरता का असली अर्थ है स्थानीय हुनर को वैश्विक पहचान। सरकार की प्राथमिकता में सेहत सबसे ऊपर केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता में जनता की सेहत सबसे ऊपर है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 1.06 लाख करोड़ का आवंटन यह साबित करता है। सरकार का दुर्लभ बीमारियों जैसे कैंसर व अन्य गंभीर रोगों की अहम दवाओं पर बुनियादी सीमा शुल्क पूरी तरह खत्म करना गरीबों के लिए जीवनदान जैसा है। जब इलाज सस्ता होगा तो परिवार कर्ज के जाल में नहीं फंसेंगे। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत अगले पांच साल में दस हजार करोड़ रुपये का निवेश भारत को वैश्विक दवा निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। जब अपने देश में ही दवाएं बनेंगी, तो विदेशों पर निर्भरता घटेगी और दवाओं के दाम भी काबू में रहेंगे। ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने में आगे भारत डिप्टी सीएम ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता के बिना विकास और उज्जवल भविष्य अधूरा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है। जब घर-घर की छतों पर सोलर पैनल लगेंगे, तो बिजली का बिल कम होगा और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। लिथियम आयन बैटरी पर शुल्क माफी से इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते होंगे। यह भविष्य की जरूरत है। कार्बन कैप्चर तकनीक में निवेश दिखाता है कि भारत ग्लोबल वॉर्मिंग से लड़ने में सबसे आगे है। मजबूत सीमाएं ही मजबूत देश के विकास की नींव केशव मौर्य का मानना है कि रक्षा मंत्रालय को साढ़े सात लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन यह बताता है कि मजबूत सीमाएं ही मजबूत देश और विकास की नींव होती हैं। डिजिटल इंडिया का नया अध्याय भी इसी बजट में खुलता है। 2047 तक भारत में डेटा सेंटर्स स्थापित करने वाली विदेशी कंपनियों को टैक्स में छूट देना एक दूरदर्शी निर्णय है। यह भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की राह खोलता है। तकनीक अब विलासिता नहीं, विकास का मूल आधार बन गई है। यूपीआई, डिजिटल पेमेंट और ई-गवर्नेस में भारत पहले ही वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। भविष्य में नई तकनीक ही किसी भी देश को समर्थ और सबसे अलग बनाएगी। 12 लाख करोड़ रूपये के रिकार्ड पूंजीगत व्यय के निवेश से बुनियादी संरचनाएं मजबूत होगी। सही नीयत हो तो रास्ते बनते हैं केशव प्रसाद मौर्य का कहना है कि रेलवे को सबसे अधिक ढाई लाख करोड़ से ज्यादा का आवंटन देश की धमनियों को मजबूत करने जैसा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी समेत अन्य हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत को तेज रफ्तार से आगे ले जाएंगे। जब माल और यात्री तेजी से पहुंचेंगे, तो समय और पैसा दोनों बचेंगे। यह बजट साबित करता है कि सही नीयत हो तो रास्ते बनते हैं। विकसित भारत की दिशा में भरोसेमंद कदम डिप्टी सीएम का मानना है कि प्रधानमंत्री जी का विज़न स्पष्ट है 2047 तक विकसित भारत। जो हर भारतीय को समृद्धि का हिस्सेदार बनाना चाहता है। युवाओं को मौके, किसानों को मान, महिलाओं को शक्ति, गरीबों को राहत और देश को सुरक्षा देकर गरीब, युवा, महिला और किसानों को मूल में रखता यह बजट विकसित भारत की पक्की नींव रख रहा है। जब युवा आत्मनिर्भर होंगे, किसान खुशहाल होंगे, महिलाएं उ‌द्यमी बनेंगी और गरीब को सस्ता इलाज मिलेगा, तभी भारत सच्चे अर्थों में विकसित कहलाएगा। यह बजट उसी दिशा में एक भरोसेमंद कदम है।


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