वाराणसी के लोहता थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सबईपुर और तीतखोरी गांव के बीच रिंग रोड किनारे दोपहर करीब तीन बजे उठी लपटों ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आसमान में काले धुएं का गुबार उठने लगा, जो देखते ही देखते तीन किलोमीटर तक फैल गया। जानकारी के अनुसार, लगभग एक महीने पहले सबईपुर गांव के पास एक तारकोल से भरा टैंकर फट गया था। टैंकर फटने के बाद ड्राइवर ने उसमें मौजूद तारकोल को रिंग रोड किनारे बने गहरे गड्ढे में फेंक दिया था। तभी से तारकोल वहीं जमा हुआ था। शुक्रवार की दोपहर किसी शरारती तत्व ने गड्ढे में पड़ी तारकोल की परतों में आग लगा दी। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से भड़की कि आसपास का पूरा इलाका धुएं से ढक गया। देखिए 2 तस्वीरें… आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि आसपास के पेड़-पौधे और झाड़ियां भी जल उठीं। ग्रामीणों ने आग देख कर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर लोहता पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। शुरुआत में मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन तारकोल में लगी आग पर काबू पाना आसान नहीं था। आग बढ़ती देख फायर ब्रिगेड ने पानी का इस्तेमाल किया और करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि तारकोल से निकलने वाला धुआं बहुत घना और जहरीला था, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्चों और बुजुर्गों को घरों में बंद होना पड़ा। कई लोगों ने बताया कि पिछले एक महीने से तारकोल वहीं जमा था, लेकिन इसे हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। फिलहाल आग पूरी तरह से बुझा दी गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि टैंकर से निकले तारकोल को किन परिस्थितियों में वहां फेंका गया और सफाई का कार्य क्यों नहीं कराया गया। पुलिस ने कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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