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वाराणसी फास्ट-ट्रैक कोर्ट में बच्चा चोर को आजीवन कारावास:साक्ष्य के अभाव में पांच दोषमुक्त, 2 लाख में बेचा था एक साल का मासूम

वाराणसी से बच्चे चुराकर राजस्थान और झारखंड में बेचने के मामले में नामजद युवक को दो साल बाद कोर्ट ने दोषी पाया। कोर्ट ने साक्ष्य, गवाहों और चार्जशीट के आधार पर बच्चा चोर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालांकि इस केस में नामजद अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ मिला और कमजोर साक्ष्यों ने उन्हें बचा लिया। बच्चा चोर अनिल बरनवाल के साथ केस में शामिल पांच अभियुक्तों जयपुर निवासी मनीष जैन, शिवदासपुर (मंडुवाडीह) निवासी संतोष गुप्ता, शिखा देवी, शिवम गुप्ता उर्फ प्रवीण मोदनवाल और हजारीबाग (झारखंड) के मदन मोदी को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। सभी को फैसले के बाद न्यायिक हिरासत से बरी कर दिया गया। चेतगंज थाना क्षेत्र के सेनपुरा मोहल्ला निवासी समशेर सिंह ने 29 मई 2023 को मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि घर में पारिवारिक विवाद होने पर सेनपुरा मोहल्ला निवासी समसेर अपना परिवार लेकर अंधरापुल के नीचे रहने लगा। मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। वह 28 मार्च 2023 की रात में परिवार संग सोया था। सुबह जगा तो साथ में सो रही एक साल की उसकी मासूम बेटी गायब थी। काफी खोजबीन के बाद उसका कोई सुराग न मिलने पर उसने चेतगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। चेतगंज थाना में मानव तस्करी के दर्ज एक आपराधिक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के हरिदेवपुर थानांतर्गत कृष्णानगर के रहने वाले अभियुक्त अनिल बरनवाल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विवेचना में नाम आए सामने विवेचना संदिग्धों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने हजारीबाग (झारखंड) निवासी मदन मोदी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मदन मोदी ने पुलिस को बताया कि उक्त बच्ची को लेकर जयपुर निवासी मनीष जैन कोडरमा आया और उससे 50 हजार रुपये में उसे खरीदा था। बाद में उस बच्ची को दो लाख रुपये में कोलकाता निवासी अनिल बरनवाल को बेच दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 मार्च को अनिल बरनवाल को गिरफ्तार कर बच्ची को बरामद कर लिया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर उपरोक्त छह आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अनिल बरनवाल को दोषी करार पाया और शेष पांच को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन कीओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता और एडीजीसी बिंदू सिंह ने पैरवी की।


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