DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

वात्सल्य ग्राम में वात्सल्य महोत्सव:साध्वी ऋतंभरा के जन्मदिन पर मनाया जा रहा 3 दिवसीय उत्सव, दूसरे दिन स्कूल की छात्राओं ने दी प्रस्तुति

वृंदावन में वात्सल्य ग्राम में चल रहे 3 दिवसीय वात्सल्य महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में संविद गुरुकुलम सैनिक स्कूल की छात्राओं ने प्रस्तुति दी। साध्वी ऋतंभरा के जन्मदिन और स्कूल के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। अतिथियों ने किया शुभारंभ संस्थापक दिवस के अंतर्गत संविद गुरुकुलम. बालिका सैनिक स्कूल की ओर से सतयुग से कलयुग तक अनंत शक्ति नारी का अमर उत्सव प्रस्तुत किया गया। महोत्सव का शुभारंभ पद्म भूषण साध्वी ऋतंभरा एवं मुख्य अतिथि पद्मश्री सन्तोष यादव (माउण्ट एवरेस्ट पर्वतारोही) विशिष्ट अतिथि लक्ष्मी नारायण चौधरी कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश , तेजवीर सिंह राज्य सभा सदस्य, श्रीकान्त शर्मा मथुरा विधायक आदि द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। 800 छात्राओं ने दी प्रस्तुति सरस्वती वन्दना के पश्चात समविद की बेटियों ने वीर नारी शक्ति गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। जिसमें चारों युगों में नारी के त्याग और बलिदान के साथ उनके शौर्य गाथा का मनमोहक प्रदर्शन किया। जिसे देखकर दर्शक मन्त्र मुग्ध हो गए। पाण्डाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने लगा। सांस्कृति प्रस्तुति में प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा I2 तक की 800 छात्र, छात्राओं ने प्रतिभाग किया लोगों ने कलाकारों की प्रशंसा की। इसके साथ ही 120 छात्र छात्राओं द्वारा वाद्य यन्त्रों के साथ “सुर साधाना” की प्रस्तुति ने दर्शकों हृदय जीत लिया। चारों युग में महिलाओं का अहम रहा योगदान कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने कहा की भारत की बेटियां बहुत सामर्थ्यवान हैं। भारत को संतुलित खड़ा होने की शिक्षा स्त्री ने ही दी है चाहे वह मां के रूप में हो, पत्नी के रूप में अथवा भगिनी के रूप में। भारत के अतीत को देखा जाए तो चारों युगों में मातृशक्ति ने अपने त्याग-तपस्या, शौर्य और बलिदान से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखा है। नारी का त्याग कभी भुलाया नहीं जा सकता, वर्तमान में नारी ने अपने अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करना शुरू किया है जो भारत की आत्मा को कचोटा है। याद रहे हम जहां भी रहें जैसे भी रहें अपनी मर्यादा और अपनी संस्कृति को नहीं भूलना चाहिए। यह रहे मौजूद कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का फूल माला, शाल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। इस अवसर पर संजय भैया, साध्वी साक्षी चेतना, शिक्षा निदेशिका सुमन लता, जय भगवान अग्रवाल, रविकान्त गर्ग, नारायण दास, विवेक अग्रवाल, राजीव कुमार सिंह, महेश खण्डेलवाल, आदि की विशेष उपस्थिति रही। अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती वन्दना तिवारी ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया तथा संचालन श्रीमती प्रीति सोनी एवं श्रीमती राधिका राजपूत ने किया।


https://ift.tt/JwQaPjN

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *