देवरिया जिले में सलेमपुर तहसील के लेखपाल आशीष कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। रविवार को सलेमपुर के बरवा गांव में मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे सांसद रमाशंकर विद्यार्थी ने उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान सांसद विद्यार्थी ने समाजवादी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये की नकद सहायता प्रदान की। उन्होंने आशीष कुमार की मौत को केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी सिस्टम की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया। सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लागू किया गया एसआईआर (SIR) सिस्टम ‘तुगलकी फरमान’ साबित हो रहा है, जिससे प्रशासनिक कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है और कई अधिकारी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। रमाशंकर विद्यार्थी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है, जिसके कारण अधिकारी लगातार दबाव में हैं। उन्होंने आशीष कुमार की मौत को इसी व्यवस्थागत अव्यवस्था का परिणाम बताते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएंगे। उनका उद्देश्य प्रदेश में एसआईआर सिस्टम की वास्तविकता और कर्मचारियों पर इसके दुष्प्रभावों को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की व्यवस्थित गड़बड़ियों को छिपाया नहीं जा सकता और ऐसी मौतें व्यवस्था की विफलता को उजागर करती हैं। विद्यार्थी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। गांव में मौजूद स्थानीय लोगों और लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने भी सरकार से मृतक को शहीद का दर्जा देने और परिजनों को आर्थिक सहायता बढ़ाने की मांग की। आशीष कुमार की मौत ने सरकारी कर्मचारियों में रोष पैदा किया है और विपक्षी दल इसे एक बड़ा मुद्दा बना रहे हैं।
https://ift.tt/a0oLMAt
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply