ललितपुर में गांजा की खेती करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) की अदालत ने दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को 12 साल के कारावास और 1 लाख 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला मंगलवार 3 फरवरी को सुनाया गया। इन सभी को 31 जनवरी को दोषी करार दिया गया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने बताया कि यह मामला नौ साल पुराना है। 11 दिसंबर 2017 को थाना नाराहट प्रभारी महेश चंद्र गौतम को ग्राम डोंगराखुर्द में गांजा की खेती होने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम गांव पहुंची, जहां राजेंद्र सिंह उर्फ पतले राजा के खेत में गांजे के कटे हुए पौधों के चार ढेर मिले। मौके पर दो पुरुष और दो महिलाएं बैठे हुए थे। पुलिस को देखकर दोनों पुरुष भाग गए। महिलाओं ने अपनी पहचान बरखेरावारी पत्नी नंदू कुशवाहा और चंदा पत्नी मिंटू कुशवाहा, निवासी ग्राम डोंगराखुर्द के रूप में बताई। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति भाग गए हैं और वे बंटाई पर खेती करते हैं। गांजे के ढेरों की तौल करने पर बरखेराबारी के कब्जे से 70 किलोग्राम, चंदा के कब्जे से 75 किलोग्राम, नंदू कुशवाहा के ढेर से 85 किलोग्राम और मिंटू कुशवाहा के बताए गए ढेर से 75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। नाराहट पुलिस ने दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। दोनों महिलाओं को तुरंत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया। बाद में फरार हुए दोनों पुरुषों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई की। 31 जनवरी को न्यायालय ने दोनों महिलाओं समेत चारों आरोपियों को गांजा बरामदगी के मामले में दोषी करार दिया था, जिसके बाद मंगलवार को उन्हें सजा सुनाई गई। मंगलवार को न्यायधीश द्वारा दोनों महिलाओं सहित चारों आरोपियों को 12,12 साल की सजा व एक लाख बीस हजार, एक लाख बीस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई, अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी ।
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