लखनऊ में रविवार को घंटा घर पर पशु प्रेमियों ने प्रदर्शन किया। हाथों में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया । स्ट्रीट डॉग्स को पाउंड और शेल्टर में भेजने पर नाराजगी जताई। इसमें बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सदस्य , सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान स्ट्रीट डॉग के समर्थन में नारा लगाया ‘आवारा नहीं हमारा है’। फैरी टेल्स मासूम फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स को उनके जगह से हटाने का है म लोग विरोध करते है। उन्होंने कहा कि डॉग्स को ना तो पाउंड में भेजा जाए और ना ही किसी पिंजड़े में बंद किया जाए। बेजुबान जानवर अपना दर्द कह नहीं सकते मगर उनके दर्द को महसूस किया जा सकता है । जानवरों को जहर देकर मार देना , गाड़ी चढ़ा देना बेहद शर्मनाक बात है। हजारों डॉग्स की जान चली जाती है और किसी पर कार्रवाई तक नहीं होती । हम लोग डॉग्स की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर लगातार सड़कों पर उतर कर विरोध कर रहे है। ‘लोगों की चुप्पी शर्मनाक’ प्रदर्शन में शामिल खुशबू ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स के खिलाफ क्रूरता लगातार बढ़ती जा रही है। तेलंगाना घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। डॉग्स को भी तकलीफ होती है उन्हें भी जीने का अधिकार है यह बात इंसान कब समझेंगे। अगर कहीं कोई डॉग बाइट की घटना हो जाती है तो चारों तरफ कोहराम मच जाता है। मगर इतनी बड़ी घटना पर लोगों की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। हम लोग डॉग्स के समर्थन में लगातार लड़ाई लड़ रहे है आगे भी लड़ेंगे। ABC नियम लागू करने की मांग प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोग कहते हैं कि डॉग्स दौड़ाते है। मगर यही डॉग्स दिन भर भूखे रहते है गाड़ियों के नीचे दबा दिए जाते है उसकी बात कोई नहीं करता। उन्होंने मांग किया कि ABC नियम 2001, के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए धन और दक्षता बढ़ाई जाए। रेबीज टीकाकरण को 100% सुरक्षित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। स्ट्रीट डॉग्स के साथ सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
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