DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

लखनऊ में अयोध्या रोड पर एलिवेटेड की योजना पर ब्रेक:2000 करोड़ की परियोजना अटकी, जाम से राहत के लिए अब नए विकल्प तलाशे जाएंगे

लखनऊ में जाम की बड़ी समस्या झेल रहे अयोध्या रोड पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है। शासन ने इस परियोजना पर रोक लगाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से यह रिपोर्ट मांगी है कि एलिवेटेड रोड के बजाय और कौन-कौन से विकल्प अपनाए जा सकते हैं। इसके बाद अब एलडीए अयोध्या रोड की ट्रैफिक स्टडी कराएगा, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उसी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा कि जाम से निजात के लिए यहां क्या बनाया जाएगा। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बनी थी योजना अयोध्या रोड पर लगातार बढ़ते जाम को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) भी गंभीर है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट करीब एक साल से सुनवाई कर रहा है और शासन को बार-बार जाम से राहत के ठोस उपाय करने के निर्देश दे चुका है। इसी क्रम में सर्वे के बाद अयोध्या रोड पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना तैयार की गई थी। 8 किमी लंबी, 6 लेन एलिवेटेड रोड का था प्रस्ताव प्रस्ताव के तहत पॉलिटेक्निक चौराहे से इंदिरा नहर तक करीब 8 किलोमीटर लंबी और 6 लेन की एलिवेटेड रोड बनाई जानी थी। इस परियोजना की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सेतु निगम को बनाए जाने की तैयारी थी। अनुमानित लागत करीब 2000 करोड़ रुपये थी, जिसमें लगभग 1500 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर और करीब 500 करोड़ रुपए बिजली, पानी, गैस जैसी जनसुविधाओं को शिफ्ट करने पर खर्च होने थे। कई निर्माण तोड़े जाने थे एलिवेटेड रोड के दायरे में आने वाले कई निर्माणों को तोड़ने की भी योजना थी। यही कारण रहा कि परियोजना को लेकर विरोध और असमंजस की स्थिति बनी रही। अब शासन ने इस महंगे और जटिल प्रस्ताव पर रोक लगाकर वैकल्पिक उपायों पर विचार करने का फैसला लिया है। अब क्या बनेगा, ट्रैफिक स्टडी के बाद होगा तय एलिवेटेड रोड के बजाय अब फ्लाईओवर, सड़क चौड़ीकरण, सर्विस लेन, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट या किसी अन्य समाधान पर विचार किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय ट्रैफिक स्टडी रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अयोध्या रोड पर यातायात को सुगम बनाने के लिए एलिवेटेड रोड के अलावा और क्या बेहतर विकल्प हो सकते हैं, इसको लेकर शासन ने रिपोर्ट मांगी है। इसके लिए ट्रैफिक स्टडी कराई जाएगी। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, इसके बाद आगे का निर्णय होगा।


https://ift.tt/fs0UeZT

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *