लखनऊ के राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में कैंसर से जुड़ी आधा दर्जन जांचें शुरू हो गई हैं। इसमें सर्वाइकल से लेकर पेट के दूसरे कैंसर का पता लगाना आसान हो गया है। कैंसर की जांच शुरू होने से राजधानी और इससे जुड़े जनपदों के बड़ी संख्या लोगों को फायदा होगा। अभी सिर्फ एक सरकारी अस्पताल में जांच की सुविधा आरएसएम हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.वीके शर्मा ने बताया कि लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल को छोड़ किसी भी सरकारी अस्पताल में कैंसर जांच की सुविधा नहीं है। यहां कैंसर से जुड़ी जांच शुरू हो जाने से लखनऊ सहित सीतापुर, लखीमपुर, बाराबंकी, उन्नाव व हरदोई के मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अस्पताल में लगभग 150 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें पहले से ही हो रही हैं। अभी यहां पर 156 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1200 मरीज आ रहे हैं। OPD के 90% मरीजों को खून की जांचें लिखने की जरूरत पड़ती है। वहीं, अस्पताल में भर्ती 100% मरीजों की खून जांच कराई जाती है। शुरुआती अवस्था में लग जाएगा कैंसर का पता अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि पैथोलॉजी में मरीजों को मुफ्त जांच की सुविधा मुहैया कराई जा रही है।सरकार की मंशा के अनुसार पैथोलॉजी को विस्तार दिया गया है। ग्रामीणों में कैंसर का पता लगाने के लिए आधा दर्जन से अधिक जांचें शुरू की गई हैं। इसमें पैप स्मीयर, सीए 125, सीए 19.9 व बीटा एचसीजी मार्कर शामिल है। बीटा एचसीजी जांच गर्भावस्था में कराई जाती है। लेकिन महिलाओं में खास प्रकार के कैंसर कोरियो कॉर्सिनोमा का पता लगाने में भी यह मार्कर कारगर है। उन्होंने बताया कि कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए कैंसर के लक्षण के आधार पर जांचें शुरू कराई गई है। ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में कैंसर की पहचान शुरुआती चरण में भी की जा सके। 11 महीने में हुईं 15 लाख जांच डॉ.वीके शर्मा ने बताया कि थायराइड, थैलसीमिया, आयरन प्रोफाइल, विटमिन डी, बी-12, कॉर्डियक मार्कर, ऑपरेशन से पहले की जानी वाली वायरल मार्कर, कल्चर सेंस्टीविटी, सीबीसी, हार्मोन समेत दूसरे टेस्ट की सुविधा भी अस्पताल में शुरू करा दी गई है। 11 माह में पैथोलॉजी विभाग में करीब 15 लाख से अधिक खून की जांचें की हैं। राम सागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय में जनवरी, 2024 से नवंबर 2024 तक कुल 7,33,000 पैथालॉजी जांचें हुई थीं। इस वर्ष जनवरी, 2025 से नवंबर, 2025 तक कुल 1,53,0000 जांचें की गई l गर्मियों के दिनों में प्रतिदिन 11000 जांचें और सर्दियों में लगभग 6000 जांचे प्रतिदिन की जाती है l इस चिकित्सालय में “स्पोक और हब” मॉडल पर पैथोलॉजी लैब जिसका शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 3 मई को किया गया था। इसमें लखनऊ की आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों बीकेटी, इटौंजा, अलीगंज, गुड़म्बा, माल, मलिहाबाद, काकोरी और जानकीपुरम ट्रॉमा सेंटर से खून के नमूने लेकर जांच की जाती है। ये सुविधा उपलब्ध
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