कानपुर देहात की पुलिस और प्राइवेट हॉस्पिटल संचालक रेप पीड़िता किशोरी के प्रति कितने असंवेदनशील हो सकते हैं, इसकी एक बानगी रविवार को उर्सला अस्पताल में देखने को मिली। इलाज के रुपए न मिलने पर हॉस्पिटल संचालक ने कर्मचारियों को भेजकर किशोरी को मरणासन्न हालत में उर्सला अस्पताल भेज दिया और परिजनों को इसकी खबर भी नहीं लगने दी। दो घंटे बाद जानकारी लगने पर परिजन उर्सला पहुंचे। किशोरी को आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों ने कानपुर देहात पुलिस से संपर्क किया, लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आया। गैर समुदाय के युवक पर रेप का आरोप डॉ.सपन गुप्ता ने बताया कि रविवार दोपहर बाद में एक एंबुलेंस से कुछ लोग एक किशोरी को लेकर आए थे। परिजनों के मुताबिक किशोरी रेप पीड़िता है। आरोप है कि गैर समुदाय के युवक ने उसके साथ रेप किया। पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने फांसी लगाई थी। परिजनों ने उसे किसी तरह बचाया तो आरोपी युवक पक्ष के लोग इलाज कराने का आश्वासन देकर मामले को दबाने में जुट गया। बेटी का करीब 2 महीने तक कल्याणपुर के कानपुर केयर हॉस्पिटल में इलाज हुआ। परिजनों ने उर्सला के डॉक्टरों को बताया कि दूसरे पक्ष ने अस्पताल से साठ-गांठ कर बेटी को रविवार को बिना बताए उर्सला अस्पताल में भेज दिया और इसकी भनक तक न लगने दी। बाद में परिजन अस्पताल पहुंचे तो पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। सुनने में अक्षम है किशोरी डॉ.सपन के मुताबिक किशोरी की हालत नाजुक है। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। मल्टी ऑर्गन फेल्योर की आशंका है। कानपुर देहात पुलिस के सीयूजी नंबर पर सूचना दी गई, लेकिन अभी तक कोई रिस्पांस नहीं मिला है। डॉक्टरों के मुताबिक परिजनों ने रेप पीड़िता किशोरी को सुनने में अक्षम बताया है।
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