मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद रुचिवीरा और पूर्व सपा सांसद डॉ. एसटी हसन के बीच चली आ रही जुबानी जंग अब दो कदम और आगे बढ़ गई है। पिछले दिनों डॉ. एसटी हसन की बेटी की शादी थी। जिसमें कुंदरकी से भाजपा के विधायक ठाकुर रामवीर सिंह और शहर विधायक रितेश गुप्ता समेत तमाम भाजपाई तो नजर आए लेकिन स्थानीय सपा सांसद रुचिवीरा इस शादी समारोह से नदारद नजर आईं। पूर्व सांसद हसन की बेटी के निकाह में शामिल नहीं होने पर जब सांसद रुचिवीरा से सवाल किए गए तो उन्होंने इसका अपने अंदाज में जवाब दिया। रुचिवीरा ने कहा कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया था। सपा सांसद रुचिवीरा ने कहा, ‘पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने अपनी बेटी के ब्याह का न्योता मुझे नहीं दिया। मुझे इस पर कोई एतराज नहीं। उनका निजी कार्यक्रम था इसलिए जिससे उनका मिजाज मिलता होगा उन्हीं को बुलाया होगा। कुंदरकी के पूर्व विधायक हाजी रिजवान भी कार्यक्रम में नहीं थे। जबकि कुंदरकी उपचुनाव में विवादित ढंग से चुनाव जीतकर विधायक बने ठाकुर रामवीर सिंह उसमें शामिल थे। मैं ये कहना चाहता हूं कि जो आदमी आजम खां जैसे नेता को थैंकलेस कहता है, जिन्होंने उन्हें मुरादाबाद का मेयर बनाया, सांसद बनाया और 2 बार टिकट दिलाया। ऐसा आदमी आज अपनी बेटी के निकाह में आए मेहमानों से खुद ही बेनकाब हो गया है। मुझे और हाजी रिजवान को नहीं बुलाकर और ठाकुर रामवीर को बुलाकर उन्होंने खुद ही अपनी भूमिका मेरे चुनाव और कुंदरकी उपचुनाव में साफ कर दी है।’ बता दें कि पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन और सपा सांसद रुचिवीरा के बीच 2024 के लोकसभा चुनाव से ही तल्खी चली आ रही है। समाजवादी पार्टी ने पहले डॉ. एसटी हसन को मुरादाबाद से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन नामांकन के आखिरी दिन हसन का टिकट काटकर सपा ने रुचिवीरा को मुरादाबाद से सपा का लोकसभा प्रत्याशी घोषित कर दिया था। रुचिवीरा का टिकट होने के बाद हसन ने उनका विरोध किया था। हसन के विरोध के बावजूद रुचिवीरा भारी बहुमत से चुनाव जीतकर सांसद बनी हैं। इसके बाद से ही दोनों के बीच जुबानी जंग चली आ रही है।
चुनावी नतीजे आने के बाद रुचिवीरा ने एसटी हसन को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग भी की थी।
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