जिले के स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पिछले तीन साल से वर्दी नहीं मिली है। लगभग 180 कर्मचारियों को गर्मी और ठंड दोनों मौसमों की वर्दी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसे लेकर चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ ने विभागीय अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया है। गहरी नाराजगी व्यक्त की चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के जिलाध्यक्ष हरिओम ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि जिले में कार्यरत इन कर्मचारियों को न तो गर्मी की वर्दी मिली है और न ही ठंड की। हरिओम ने इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया, जो उनके सम्मान और सुरक्षा पर सवाल उठाता है। हरिओम के अनुसार, वर्दी की मांग को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) को कई बार पत्र लिखे गए हैं। हर बार उन्हें यही जवाब मिला कि वर्दी के लिए बजट उपलब्ध नहीं है। संघ का तर्क है कि बजट उपलब्ध कराना शासन और विभाग का दायित्व है, न कि कर्मचारियों का। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जिलाध्यक्ष हरिओम ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो संघ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और संबंधित सचिव को पत्र भेजेगा। संघ कर्मचारियों के लिए वर्दी और वर्दी भत्ते की मांग करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) का कहना है कि कर्मचारियों के ज्ञापन मिलते ही उन्हें तत्काल शासन को भेज दिया जाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जैसे ही शासन स्तर से धनराशि जारी होगी, कर्मचारियों को वर्दी या वर्दी का पैसा उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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