राजेंद्र नगर स्थित श्री महाकाल मंदिर परिसर में तीन दिवसीय पंचकुण्डीय महालक्ष्मी एवं महामृत्युंज्य यज्ञ संपन्न हो गया। यह आयोजन भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन के साथ पूर्ण हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की सुगंध और श्रद्धालुओं की आस्था से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रतिदिन यज्ञ में सहभागिता की। मुख्य पुजारी अतुल मिश्रा ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन के पहले दिन बाबा महाकाल की ध्वजा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुए। इसके उपरांत विधि-विधान से पंचकुण्डीय यज्ञ का शुरू किया गया। दिनभर आहुतियां अर्पित की गईं और शाम को सुंदरकांड का पाठ किया गया। महालक्ष्मी एवं महामृत्युंज्य मंत्रों का जाप कराया आयोजन के दूसरे दिन प्रातः काल से ही यज्ञ में आहुतियां देने का क्रम जारी रहा। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ महालक्ष्मी एवं महामृत्युंज्य मंत्रों का जाप कराया। भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की कामना के साथ यज्ञ में सहभागिता की। इस दिन भजन-कीर्तन और प्रवचन का भी आयोजन किया गया।तीसरे और अंतिम दिन यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई। वैदिक विधि से हवन कर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की गई। पूर्णाहुति के बाद प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। ये लोग शामिल हुए यज्ञ के मुख्य यजमानों में पी.पी चतुर्वेदी, आलोक गुप्ता, डी.एस. दुबे, गौरव गुप्ता, राहुल अग्रवाल, शैलेंद्र साहू, जितेंद्र साहू और सुनील अरोड़ा शामिल थे। मंदिर प्रशासन ने आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। यह तीन दिवसीय आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और अनुशासन का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।
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