DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

ये अरब देश नहीं, जो तुरंत सिर कलम कर दोगे:’10 रुपए का बिस्कुट’ वाले शादाब जकाती बोले– मुझे एक मौका मिलना चाहिए था

‘10 रुपए वाला बिस्कुट कितने रुपए का है जी’ रील से फेमस हुए मेरठ के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती विवादों में हैं। उनके एक वीडियो पर न केवल FIR हुई, बल्कि उनकी गिरफ्तारी भी हुई। हालांकि कोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई। इस कंट्रोवर्सी को लेकर दैनिक भास्कर ने शादाब जकाती से एक्सक्लूसिव बातचीत की। जकाती कहते हैं- ये अरब देश तो है नहीं कि आज गलती हुई और आज ही सिर कलम कर देंगे। खाड़ी देशों में भी अपनी बात रखने के लिए इंसान को एक हफ्ते का टाइम मिलता है। ये बात मुझे समझ में नहीं आई। बेहतर होता कि अगर इस विवाद में अपनी बात रखने के लिए मुझे थोड़ा टाइम दिया जाता। पूरा इंटरव्यू पढ़िए और देखिए… खबर में आगे बढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… सवाल: विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
जवाब: मैंने एक वीडियो बनाया। इसमें मैं अपनी खुद की बच्ची (बेटी) से पूछता हूं कि आप इतनी खूबसूरत हो, तो मम्मी भी खूबसूरत होगी। ये कॉमन-सी बात थी। इसमें साफ दिखाई दे रहा कि मैं तारीफ कर रहा हूं। कोई अपशब्द मैंने नहीं बोले। उस पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। मुझसे जो गलती हुई, उससे देश के कानून के खिलाफ परेशानी आई। लेकिन, हम कानून के साथ हैं और कानून के दायरे में ही काम करेंगे। सवाल: क्या वीडियो गलत था, जो डिलीट करना पड़ा?
जवाब: एहसास हुआ कि जो लोग आज हमें प्यार कर रहे, जिन्होंने मुझे यहां तक पहुंचाया, अगर वही कह रहे हैं कि ये वीडियो गलत है तो मैंने वो वीडियो हटा दिया। जब वो हमसे प्यार करते हैं, तो क्या हम उनकी इतनी बात भी नहीं मानेंगे। लेकिन अगर कोई इंसान गलती करता है तो उसे एक-दो मौके देने चाहिए। कम से कम एक मौका मुझे भी मिलना चाहिए था। मुझे यही अफसोस हो रहा था कि मुकदमा, गिरफ्तारी समेत सारे काम एक साथ हो गए। सवाल: उस वीडियो पर आपको किस तरह के कमेंट्स पढ़ने को मिले?
जवाब: मैं अमूमन कमेंट्स नहीं देख पाता। कमेंट्स पढ़ने के लिए बहुत कम वक्त मिल पाता है। अच्छे हो या बुरे, कमेंट्स तो हर वीडियो पर आते ही हैं। वही सोचकर मैंने इतना ध्यान नहीं दिया। एक नेता ने मेरे खिलाफ FIR दर्ज कराई, तब मैंने उस वीडियो को गौर से कई बार देखा। तब मैंने खुद से सोचा कि मैं तो वीडियो में खूबसूरती की तारीफ कर रहा हूं। कोई अपशब्द भी नहीं बोला कि लोगों को दिक्कत हुई हो। फिर भी अगर किसी को ठेस पहुंची, तो मैं लोगों को सॉरी बोलता हूं। सवाल: 10 रुपए के बिस्किट वाली रील से किस तरह पहचान मिली?
जवाब: असर तो कुछ खास नहीं पड़ा। मैं और ज्यादा प्रसिद्ध हो गया। न्यूज में लगातार चल रहा हूं। 10 वाले बिस्किट ने मुझे 30 दिन में चमकाया, कल वाले केस ने एक ही दिन में दोगुना कर दिया। मैं देख रहा कि हर प्लेटफॉर्म पर 2 मिनट के बाद मेरा ही वीडियो आ रहा। ये एक मैसेज है कि कर बुरा, हो भला। सवाल: क्या लाइक-कमेंट्स ही सब कुछ हैं। जो बदनामी हो रही, उसका क्या?
जवाब: हां वो इंपॉर्टेंट है। उसका दुख हुआ। लेकिन जैसा मैंने कहा कि लोग सब समझते हैं कि मैंने कोई अपशब्द नहीं बोला। सवाल: शादाब का सरनेम जकाती कैसे पड़ा?
जवाब: जकाती सरनेम शुरू से ही है। ये सरनेम मेरे पिता ने दिया था। एक दिन मैं जकात (दान) के लिए कुछ सामान देने जा रहा था तो पिता बार-बार बुला रहे थे। मैं उनसे कह रहा था कि जकात के पैसे देकर आ रहा हूं। इस पर पिता ने कहा कि अरे जकाती सुन ले। तुझसे बड़ा जकाती कोई है ही नहीं। जकात देने जा रहा, मेरी सुन नहीं रहा। सवाल : इस पूरे विवाद के बाद फैंस से क्या कहना चाहेंगे?
जवाब: फैंस का मैं शुक्रिया अदा करूंगा। उनकी मेहरबानी है, उनकी दुआएं मेरे साथ हैं। मेरे जितने भी चाहने वाले हैं, उन्हें मालूम है कि मैं किस तरह के वीडियो बनाता हूं। मैं बहुत ध्यान रखकर साफ-सुथरा वीडियो बनाता हूं। इस प्रकरण में मैं कानून के साथ हूं, कानून जो मुझसे कहेगा, वो करूंगा। मैं कानून का सम्मान करता हूं। लेकिन आज ही मेरे खिलाफ मुकदमा हुआ और आज ही अरेस्टिंग भी हो गई। कम से कम मेरी बात रखने के लिए मुझे एक मौका दिया जाना चाहिए था। अब जानिए पूरा मामला क्या है?
करीब एक हफ्ते पहले शादाब जकाती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें एक लड़की परचून की दुकान से सामान खरीदने आती है। यह कहकर सामान लेकर चली जाती है कि इसके पैसे मां देगी। इस पर शादाब कहते हैं कि जब बेटी इतनी खूबसूरत है, तो मां कितनी खूबसूरत होगी? पैसे लेने के बहाने शादाब उस बेटी के घर पहुंचते हैं। उसकी मां से आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हैं। मेरठ के राहुल ठाकुर ने थाना इंचौली में शादाब जकाती के खिलाफ आईटी एक्ट और पब्लिक प्लेस पर अश्लील कृत्य करने की धाराओं में 27 नवंबर को मुकदमा दर्ज कराया। इसके कुछ देर बाद ही इंचौली थाना पुलिस ने शादाब की अरेस्टिंग कर ली। हालांकि, मेरठ की कोर्ट से उन्हें हाथोंहाथ जमानत मिल गई। कौन हैं शादाब जकाती?
शादाब जकाती मेरठ में कस्बा इंचौली के रहने वाले हैं। वो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। पहले सऊदी अरब में ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। उनके फेसबुक पर 4.3 और इंस्टाग्राम पर 3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। कुछ महीनों पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया। इसका टाइटल था- ‘10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी’। ये वीडियो दुनियाभर में देखा गया। रैपर बादशाह सहित बॉलीवुड की तमाम सेलिब्रिटिज ने इस वीडियो को देखकर मिमिक्री वीडियो बनाए। इतना ही नहीं, कई सेलिब्रिटिज ने शादाब को मुंबई बुलाया। इस वीडियो की बदौलत शादाब जकाती आज सोशल मीडिया का फेमस चेहरा बन चुके हैं। अब पढ़िए….शाबाद के खिलाफ FIR कराने वाले राहुल ठाकुर का इंटरव्यू यूट्यूबर शादाब जकाती तुम जेल जाने के लिए तैयार रहो: शादाब की शिकायत करने वाला भाजपा नेता बोला- मैं रुकूंगा नहीं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर शादाब जकाती के खिलाफ शिकायत करने वाले भाजपा नेता राहुल ठाकुर का कहना है कि मैं रुकूंगा नहीं। उन्होंने कहा- मैं नहीं जानता पुलिस ने किस वजह से शादाब जकाती को छोड़ा है। उसने जो किया है वो पूरी तरह गलत है। जकाती तुम तैयार रहो क्योंकि जेल तो तुम जरूर जाओगे। मैं जकाती का कंटेंट लंबे टाइम से देख रहा हूं। लेकिन जो वीडियो उन्होंने अपनी बेटी या उसकी मां के साथ बनाया वो बहुत गलत है। हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी जी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला सम्मान की मुहिम चला रहे हैं। लेकिन ये वीडियो उस मुहिम को पलीता लगाने वाला है। इसमें एक छोटी बच्ची के सामने शादाब जकाती ने इस तरह की बातें कहीं हैं जो बेहद खराब हैं। मैं इस समाज का नागरिक हूं, एक समाजसेवी हूं इसलिए मुझे इस वीडियो पर आपत्ति है। मैंने इसकी शिकायत की है। ये वीडियो समाज को खराब करने वाला है। कोर्ट ने उसे जमानत दे दी, ये कोर्ट का मामला है। लेकिन मैं इस मामले को हाईकोर्ट तक लेकर जाऊंगा। राहुल ठाकुर कहते हैं- मेरे नाम से शादाब जकाती के पास लोग सिफारिश लेकर जा रहे हैं कि वो हमारा सेटलमेंट करा देंगे, लेकिन मेरी तरफ से ऐसा कुछ भी नहीं है। न ही मैंने किसी सेटलमेंट या पैसे के लिए ये शिकायत की थी। पढ़ें पूरी खबर


https://ift.tt/1l8ATIu

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *