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यूपी में फर्जी X-Ray रिपोर्ट बनाने वाले 2 कर्मचारी सस्पेंड:एक बर्खास्त, FIR भी होगी; भास्कर स्टिंग में पैसे लेकर हड्डी टूटी दिखाई थी

यूपी के सरकारी अस्पतालों में पैसे लेकर X-Ray में हड्डी टूटी दिखाने और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट बनाने वाले कर्मचारियों पर एक्शन हुआ है। एटा और महराजगंज के सरकारी अस्पतालों में तैनात इन कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया, जबकि कासगंज के कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया। साथ ही कमेटी बनाकर विभागीय जांच शुरू करा दी है। इतना ही नहीं, इन कर्मचारियों के खिलाफ FIR कराने के भी आदेश जारी किए हैं। एटा के वीरांगना लक्ष्मीबाई लोधी ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज में तैनात स्टाफ नर्स मुनीश वर्मा को प्रिंसिपल डॉ. बलबीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही 3 सदस्यीय कमेटी बनाकर मुनीश वर्मा के खिलाफ जांच शुरू करा दी है। जबकि, महराजगंज जिला अस्पताल में तैनात X-Ray टेक्नीशियन जय प्रकाश मिश्रा को CMO महाराजगंज ने सस्पेंड करते हुए 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा कासगंज जिला अस्पताल में तैनात संविदा स्टाफ नर्स राजपाल सिंह को CMO के निर्देश पर बर्खास्त कर दिया। साथ ही CMO ने राजपाल के खिलाफ FIR दर्ज कराने के भी निर्देश दिए हैं। भास्कर के स्टिंग में एक्सपोज हुए थे कर्मचारी
दरअसल, यूपी के सरकारी अस्पतालों के कर्मचारी पैसे लेकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बना रहे हैं। यह कर्मचारी X-Ray में हड्डी फ्रैक्चर दिखा देते और इसकी बाकायदा मेडिकल रिपोर्ट भी बनाकर दे देते। जब दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल शुरू की तो मामला उजागर हो गया। हमारी इन्वेस्टिगेशन टीम ने एटा मेडिकल कॉलेज सहित कासगंज और महराजगंज के जिला अस्पतालों के कर्मचारियों का स्टिंग ऑपरेशन किया। जिसमें कर्मचारी ऑन-कैमरा रिश्वत लेकर फर्जीवाड़ा करने की डील करते हुए एक्सपोज हो गए। अब पूरा इन्वेस्टिगेशन पढ़िए
हम सबसे पहले कासगंज के जिला अस्पताल पहुंचे। हमें सोर्स के जरिए पता चला कि यहां तैनात मेल स्टाफ नर्स राजपाल सिंह डॉक्टरों से मिलकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाता है। हमने राजपाल से संपर्क किया। रिपोर्टर: मेडिकल बनवाना है, X-Ray के साथ, बन जाएगा क्या…?
राजपाल सिंह: मेरी समझ में नहीं आ रहा है, आपको क्या कराना है? रिपोर्टर: X-Ray रिपोर्ट बनवानी है, जिसमें हड्डी टूटी दिखानी है।
राजपाल सिंह: क्या करेंगे उसका? रिपोर्टर: प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूं, छुट्टी लेने के लिए बोल दिया था हाथ टूट गया, अब कंपनी वाले X-Ray मांग रहे हैं।
राजपाल सिंह: अच्छा, X-Ray कहां का दिखाओगे? रिपोर्टर: हाथ का दिखाएंगे, क्योंकि मैंने तो हाथ का बताया था।
राजपाल सिंह: लेकिन यहां उसमें पैसे खर्च हो जाएंगे बहुत। राजपाल सिंह की बातचीत से साफ हो गया कि वह पैसा लेकर फर्जी X-Ray रिपोर्ट बनवाकर दे देता है। अब हमने उससे लेन-देन की बात की। हाथ का फ्रैक्चर बता देंगे, प्लास्टर भी लगवा देंगे राजपाल सिंह: मेडिकल होगा तो 200 रुपए रोजाना के हिसाब से एक महीने के 6 हजार रुपए हो जाएंगे। फ्रैक्चर दिखाने का अलग लगेगा।
रिपोर्टर: कितना लगेगा खर्च…? राजपाल सिंह: अभी मैं बात करता हूं, लेकिन काम हो जाएगा एकदम पक्का।
रिपोर्टर: तब भी एक अंदाजा? राजपाल सिंह: कब से कब तक का चाहिए, डेट बताओ?
रिपोर्टर: 20 से 22 दिन की चाहिए, 3 नवंबर से। राजपाल सिंह: हाथ में फ्रैक्चर बता देंगे… आपने क्या बताया है कंपनी वालों को…?
रिपोर्टर: यही बताया था कि बाइक चला रहे थे… चोट लग गई…। राजपाल सिंह: ठीक है… कोई दिक्कत है तो इसमें प्लास्टर लगाकर देंगे… चले जाना वहां पर… ऐसे ही लेकर…।
रिपोर्टर: हो जाएगा न…? राजपाल सिंह: पक्का काम होगा… प्लास्टर भी और X-Ray भी… मेडिकल रिपोर्ट भी दे देंगे…।
रिपोर्टर: कितना खर्च लगेगा…? राजपाल सिंह: वही बता रहा हूं… जो मेरे हाथ में है… मैं उसका बता सकता… लेकिन दो दूसरे से कराना है… उसका पूछना पड़ेगा…।
इसके बाद राजपाल किसी से बातचीत करने के लिए गया। कुछ देर बाद हम उससे फिर मिले। अब उसने हमें हर काम के रेट बताए। राजपाल सिंह: यार बैक डेट का ज्यादा लेंगे वो… रियल टाइम का हो तो कम करा देंगे कुछ…।
रिपोर्टर: कितना लगेगा टोटल…? राजपाल सिंह: देखो… 3 हजार रुपए तो X-Ray वाला लेगा… सारा काम कर देगा… X-Ray और प्लास्टर सब कर देगा… लेकिन सबसे ज्यादा दिक्कत मेडिकल की है… 200 रुपए रोजाना के हिसाब से एक महीने का 6 हजार रुपए मेडिकल का लगेगा… एक हजार रुपए मैं लूंगा अपना…।
रिपोर्टर: कोई दिक्कत तो नहीं होगी…? राजपाल सिंह: 10 मिनट में सारा काम करा दूंगा… कोई दिक्कत नहीं होगी… कोई जांच भी करने आएगा, तो भी नहीं पकड़ पाएगा।
कासगंज के सरकारी अस्पताल में स्टाफ नर्स राजपाल सिंह ने हमें रेट लिस्ट बताई। उसने कुल 10 हजार रुपए की डिमांड की। इसमें 30 दिन का बैक डेट में मेडिकल भी शामिल है। अब चलिए, एटा के मेडिकल कॉलेज… हमारी इन्वेस्टिगेशन से साफ हो गया कि कासगंज के सरकारी अस्पताल में पैसा लेकर फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाई जा रही। अब हमारे सामने सवाल था कि क्या कासगंज के अलावा यूपी के दूसरे जिलों में भी ऐसा हो रहा? इसके जवाब के लिए हम एटा के वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां हम सबसे पहले X-Ray सेंटर में तैनात कर्मचारी वीरेश से मिले। वीरेश ने बताया- ये काम मुनीश वर्मा करा देंगे। आप 5वें फ्लोर के रूम नंबर- 144 में चले जाओ। वीरेश ने मुनीश को कॉल कर बताया। इसके बाद हम वहां पहुंचे और मुनीश से डील की। मुनीश बड़ी आसानी से फर्जी X-Ray के लिए तैयार हो गया मुनीश वर्मा: बताइए, क्या समस्या है?
रिपोर्टर: भैया… बता दिया था कि हाथ टूट गया है… अब वो X-Ray रिपोर्ट मांग रहे हैं… हाथ तो टूटा नहीं… अब उसी का X-Ray बनवाना है फर्जी… और मेडिकल भी…। मुनीश वर्मा: यह तो वही (वीरेश) कर देगा… जिसने नीचे से मेरी और आपकी बात कराई…।
रिपोर्टर: नहीं… उन्होंने तो आपके पास भेजा है…। मुनीश वर्मा: अच्छा… कितने दिन का चाहिए आपको…?
रिपोर्टर: मुझे ज्यादा नहीं… 15-20 दिन का चाहिए…। मुनीश की बातों से साफ हो गया था कि वह फर्जी X-Ray बनवाकर दे देगा। वह हमें एक कमरे में ले गया, जहां आगे की बातचीत हुई। मुनीश वर्मा: आपने तो बनवाया था मेडिकल हमसे…?
रिपोर्टर: जी…। मुनीश वर्मा: (X-Ray दिखाते हुए) यह देखिए पहले से तैयार है… फ्रैक्चर।
रिपोर्टर: यह चल जाएगा…? मुनीश वर्मा: देखो… इसमें सब कुछ लिखा हुआ है… AMC (ऑटोमेटेड मेडिकल सेंटर) डाटा… सब कुछ है इसमें…।
रिपोर्टर: जी… मैं आपकी बात समझ रहा हूं…। मुनीश वर्मा: बस तो हो जाएगा…।
रिपोर्टर: मेरा करा दीजिए… लगाना है…। मुनीश वर्मा: सोमवार को आ जाओ… हो जाएगा…।
रिपोर्टर: पता न चले बस फर्जी है…। मुनीश वर्मा: देखो… जो निकालकर देगा वो तो लेगा ही लेगा… मेरे पास पहले से फिंगर वाला है…।
यहां हमें पता चला कि पुराना फ्रैक्चर वाला X-Ray भी इनके पास मिलता है। जिसे ये जो पैसा देता है, उसका बताकर रिपोर्ट बनाकर दे देते हैं। इसके लिए ये कितने रुपए लेते हैं? यह जानने के लिए हमने मुनीश से बातचीत जारी रखी। फर्जी X-Ray के 2000, मेडिकल के अलग रुपए लगेंगे रिपोर्टर: मैं आपकी बात समझ रहा हूं… लेकिन कितना खर्च आएगा…?
मुनीश वर्मा: लगभग 2 हजार रुपए खर्च लगेगा…। रिपोर्टर: सिर्फ X-Ray का…?
मुनीश वर्मा: हां… X-Ray… X-Ray का…। रिपोर्टर: …और ऊपर से कितना खर्च आएगा…?
मुनीश वर्मा: मेडिकल का…? रिपोर्टर: हां…।
मुनीश वर्मा: मेडिकल का ज्यादा खर्च आएगा…। रिपोर्टर: टोटल… आप मुझे एक इस्टीमेट बताओ…?
मुनीश वर्मा: वो मैं बता दूंगा… 101% हो जाएगा…। रिपोर्टर: पीछे कोई दिक्कत न हो बस…।
मुनीश वर्मा: कुछ नहीं होगा… सरकारी रिपोर्ट बनेगी… तभी तुम्हें मैं यहां कमरे में लेकर आया था… क्योंकि यहां कैमरे नहीं हैं… बाहर कैमरे लगे हैं… 101%… मंडे को सब ले लेना…। रिपोर्टर: ठीक है भैया… धन्यवाद… मैं सोमवार को आऊंगा… मतलब 2 हजार रुपए X-Ray का… और मेडिकल का अलग से लगेगा…?
मुनीश वर्मा: हां… मान लो 5 हजार रुपए तक सब हो जाएगा…। रिपोर्टर: हां… क्योंकि प्राइवेट कंपनी है… ज्यादा दिक्कत न हो…।
मुनीश वर्मा: चलो… मैं डॉक्टर साहब से बात करके सब करा दूंगा…। अब चलिए, महराजगंज जिला अस्पताल… एटा के मेडिकल कॉलेज में किए स्टिंग से साफ हो गया कि फर्जी X-Ray और मेडिकल रिपोर्ट बनाने का काम केवल एक जिले कासगंज में ही नहीं हो रहा। यूपी के सरकारी अस्पतालों में ये एक रैकेट की तरह चल रहा है। अब हमने महराजगंज के जिला अस्पताल को खंगाला। क्योंकि, यहां भी पहले फर्जी X-Ray के मामले सामने आए हैं। महराजगंज के जिला अस्पताल में हम आर्थो डिपार्टमेंट में तैनात एक्स-रे टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा के पास पहुंचे। रिपोर्टर: भैया हाथ में चोट लगी है… X-Ray कराना है…।
जयप्रकाश मिश्रा: कैसे चोट लगी है…? रिपोर्टर: पड़ोस में लड़ाई हो गई थी…।
जयप्रकाश मिश्रा: डॉक्टर से लिखवाकर लाइए…। रिपोर्टर: डॉक्टर ने पर्चे पर X-Ray लिखा है…।
जयप्रकाश मिश्रा: ठीक है… जाइए सामने कमरे में कराकर आइए…। रिपोर्टर: हाथ में फ्रैक्चर दिखाना है… क्योंकि मुकदमा दर्ज कराना है…।
जयप्रकाश मिश्रा: फिर ऐसे नहीं होगा… जाइए, मुलाहिजा कराकर आइए…। रिपोर्टर: भैया… कुछ जुगाड़ लगाइए… ऐसे ही हो जाए… बिना मुलाहिजा के…।
जयप्रकाश मिश्रा: थाना कौन-सा है… जहां मुकदमा दर्ज कराना है…? रिपोर्टर: निचलौल… कैसे होगा…? करा दीजिए… हो जाएगा…?
जयप्रकाश मिश्रा: हां, करा देंगे… हो जाएगा… परेशान मत हो…। रिपोर्टर: कितना पैसा लगेगा…?
जयप्रकाश मिश्रा: बात करने दो… अभी साहब से… फिर बताएंगे…।
टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा फर्जी X-Ray के लिए तैयार हो गया, लेकिन डॉक्टर से पूछने के बाद यह बताने के लिए बोला कि कितने रुपए लगेंगे? इसलिए हमने उससे बातचीत जारी रखी। खर्च देने की बात पर फर्जी X-Ray के लिए तैयार रिपोर्टर: बिना मुलाहिजा के ही करा दीजिए… जो खर्च लगेगा, वो दे देंगे…।
जयप्रकाश मिश्रा: ठीक है… जाइए… पहले X-Ray कराइए…। रिपोर्टर: उसमें हो जाएगा न…?
जयप्रकाश मिश्रा: हां, जाओ पहले कराकर आओ…। भास्कर रिपोर्टर ने खुद का X-Ray कराया, फिर X-Ray फिल्म लेकर टेक्नीशियन जयप्रकाश मिश्रा के पास पहुंचा।
इसी X-Ray में माइनर फ्रैक्चर लिखवा देंगे रिपोर्टर: (X-Ray फिल्म दिखाते हुए) भैया… हो गया X-Ray…।
जयप्रकाश मिश्रा: (X-Ray देखते हुए) इसे सुखाकर रख लो… कल सुबह आना… इसी की रिपोर्ट में डॉक्टर से माइनर फ्रैक्चर लिखवा देंगे…। रिपोर्टर: इस X-Ray में फ्रैक्चर दिखेगा…?
जयप्रकाश मिश्रा: कल आइए… 10 बजे…। जयप्रकाश मिश्रा: डॉक्टर ऐसे नहीं लिखेंगे… कंधे में चोट बताकर डॉक्टर को दिखाओ तो X-Ray में कंधा खिसका हुआ दिखा देंगे…।
रिपोर्टर: अच्छा… लिखवाकर लाएंगे तो हो जाएगा…? जयप्रकाश मिश्रा: पुलिस के साथ मुलाहिजा कराकर आओ… इसके बाद फ्रैक्चर दिखाकर लिखवा देंगे…।
रिपोर्टर: अरे, कंधे वाला ही खिसका हुआ करा दीजिए। जयप्रकाश मिश्रा: अरे तो मुलाहिजा कराकर आओ न… हो जाएगा… उसी में कुछ डिसलोकेशन करा देंगे। 3 तरीकों से फर्जी X-Ray बनाए जा रहे हैं पूर्व DGP ने खुद पकड़ा था फर्जी X-Ray केस
यूपी के पूर्व DGP सुलखान सिंह ने बताया- जब मैं यूपी पुलिस में था, तब एक केस में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट के जरिए बेगुनाह को मुकदमे में फंसाने का मामला आया था। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि मेडिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी है। तब मेरे आदेश पर तत्काल दोबारा मेडिकल कराया गया। इसके बाद सच्चाई सामने आ गई। दोबारा मेडिकल रिपोर्ट में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले, जिसके आधार पर पीड़ित जेल जाने से बच गया। पुलिस ने मेडिकल करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजा था। कई बार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी गड़बड़ी की बात सामने आती है। सुप्रीम कोर्ट में सामने आ चुके हैं ऐसे कई केस
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट केके शुक्ला ने बताया- सुप्रीम कोर्ट में मेरे पास खुद ऐसे 2 केस आ चुके हैं, जिनमें मेडिकल का गलत उपयोग कर बेकसूर को जेल भिजवाया। इन दोनों केसों में जब मैंने कोर्ट से परमिशन लेकर दोबारा मेडिकल कराया, तो सच्चाई सामने आ गई। सरकारी अस्पतालों में फर्जी तरीके से सिर्फ X-Ray ही नहीं, मेडिकल सर्टिफिकेट, मेडिको लीगल, हैंडिकैप सर्टिफिकेट भी बन जाते हैं। जिनका लोग गलत उपयोग करके फायदा उठा रहे हैं। फर्जी सर्टिफिकेट बनाना, उपयोग करना… गंभीर अपराध
सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट आयुष शुक्ला ने बताया- किसी भी तरह का फर्जी प्रमाण-पत्र बनाना, उपयोग करना, प्रस्तुत करना गंभीर अपराध है। इसके लिए कानून के तहत सजा का प्रावधान है। ————————– ये खबर भी पढ़ें पैसा लेकर बांटे फिटनेस… CNG कारों में हो रहे विस्फोट, कानपुर में मोबाइल पर फोटो देख जारी किया सर्टिफिकेट हाल ही में हुई 2 घटनाएं याद कीजिए- 1. Wagon R का CNG सिलेंडर फटने से 5 की मौत। 2. एक्सप्रेस-वे पर 7 बसें और 3 कारों की टक्कर से 19 की मौत। प्रारंभिक जांच में कारों के CNG सिलेंडर फटने से आग लगी। हो सकता है इन कारों में जो CNG सिलेंडर लगे थे, उनकी टेस्टिंग में फर्जीवाड़ा किया हो। पढ़ें पूरी खबर


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