यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव में औवेसी की पार्टी AIMIM जुट गई है। आल इण्डिया मजलिस -ए- इतेहादुल मुसलमीन ने यूपी में पिछले दो महीनों में 10 लाख से अधिक सदस्यों को जोड़ने का दावा किया है। पार्टी के अनुसार अब पूरे उत्तर प्रदेश में 86 लाख से ज्यादा सदस्य रजिस्टर्ड हो चुके हैं। आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन लगातार यूपी में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। पार्टी का दावा है कि बिहार और महाराष्ट्र की तरह यूपी के 2027 विधानसभा चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। वहीं इस पर सपा और कांग्रेस ने औवेसी पर धर्म की राजनीति करने और बीजेपी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। पढ़िए इस रिपोर्ट में…
अब पढ़िए कांग्रेस नेता ने AIMIM और औवेसी पर क्या कहा…
कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी ने कहा कि AIMIM की राजनीति धर्म आधारित है और ऐसा संगठन इस देश को कभी नहीं संभाल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ही ऐसे संगठनों को तवज्जो देकर पनपने देती है। उन्होंने कहा कि अगर AIMIM के पास सच में 87 लाख सदस्य हैं, तो हिम्मत है तो यूपी में कहीं एक रैली करके दिखा दें, जिसमें 2 लाख लोग इकट्ठा हो जाएं। उन्होंने सवाल किया कि यूपी में इतने जुल्म हुए, लेकिन भाषण देने के अलावा औवेसी कहीं सड़क पर नजर नहीं आए।
अब पढ़िए सपा ने AIMIM और औवेसी पर क्या कहा…
सपा नेताओं ने कहा कि AIMIM का सदस्यता जोड़ने का दावा उनका निजी मामला है। लेकिन यूपी में अगर बीजेपी के अलावा कोई विकल्प है, तो वह सिर्फ समाजवादी पार्टी है।
उन्होंने कहा कि AIMIM को यह गलतफहमी है कि इतने सदस्य होने से वे कुछ बड़ा कर लेंगे। हां, उनके कुछ पार्षद जरूर जीते हैं, लेकिन नगर निगम चुनाव व्यक्तिगत चुनाव होते हैं। औवेसी को एक अच्छा वक्ता बताते हुए सपा नेताओं ने कहा कि वे सदन में अच्छा भाषण देते हैं, लेकिन अगर वे गरीबों और मजलूमों के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकालत करें तो बेहतर न्याय दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि 5 पार्षद जीतने पर डंका पीटना ठीक नहीं है। यूपी में मुसलमानों के लिए अगर किसी ने काम किया है, तो वह केवल अखिलेश यादव और उनसे पहले मुलायम सिंह यादव ने किया है। AIMIM नेताओं का सपा-कांग्रेस पर जवाब कानपुर के नगर उपाध्यक्ष नूर आलम ने कहा कि कांग्रेस और सपा हम पर यह आरोप लगाती हैं कि हम बीजेपी की ‘बी टीम’ हैं। लेकिन सपा यह बताए कि जब वह खुद धीरे-धीरे “समाप्तवादी पार्टी” होती जा रही है, तो उसके ही सदस्य छुपकर AIMIM की सदस्यता क्यों ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने के बजाय सपा को अपना काम गिनाना चाहिए। पहले जानिए AIMIM पार्टी का क्या दावा है…
पार्टी साल 2012 में यूपी में पहली बार आई। पार्टी के प्रदेश महासचिव (सेंट्रल जोन) अजहर आलम ने बताया कि जिस तरह से महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव में पार्टी का परचम लहराया, उससे पार्टी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव परिणामों में जिस तरह पार्टी का ग्राफ बढ़ा है, उससे पूरे देश में बड़ी तादाद में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। अजहर आलम के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय में 87 लाख सदस्य बन चुके हैं। बीते 40 दिनों में सदस्यता अभियान के दौरान आंकड़ों में बड़ा इजाफा हुआ है और 10 लाख से ज्यादा नए सदस्य जोड़े गए हैं। कानपुर की बात करें तो हर दूसरे-तीसरे दिन सदस्यता कैंप लगाए जा रहे हैं। अब तक 40 हजार सदस्य कानपुर में जोड़े जा चुके हैं। सदस्यता कैंप के साथ-साथ ऑनलाइन सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पार्टी पहले से ही मजबूत है। पार्टी के पास 5 चेयरमैन और 83 पार्षद हैं। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में पार्टी से जुड़ रहे हैं।
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