‘मैं कभी नेगेटिव नहीं सोचता। कुछ करने का जज्बा ही मुझे यहां तक ले आया। मैं जिस मुकाम और हालात से निकलकर यहां तक पहुंचा, वहां से अगर गिरने की नौबत भी आए तो भी मैं उससे ऊपर ही रहूंगा।’ ये कहना है यूपी की एयरलाइन कंपनी शंख एयर के एमडी श्रवण कुमार विश्वकर्मा का। उन्नाव के रहने वाले श्रवण की कंपनी खुद को फुल-सर्विस एयरलाइन के तौर पर पेश कर रही है। इस एयरलाइन कंपनी का फोकस बड़े शहरों और प्रमुख राज्यों को आपस में जोड़ने पर होगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में श्रवण कुमार ने ऑटो चालक से एयरलाइन कंपनी का मालिक बनने तक की कहानी बताई। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: कौन से एक फैसले ने जिंदगी की दशा और दिशा बदल दी? जवाब: ऐसा कोई फैसला नहीं रहा, जिसने जिंदगी बदल दी हो। मैंने परिस्थितियों से सीखा और इसी की वजह से मेरा जीवन बदला। परिस्थितियों से जो सीख और शिक्षा मिली, उसी से मैं अपने जीवन में आगे बढ़ा। सवाल: टेंट व्यवसाय फिर ऑटो चलाना…यहां तक की जर्नी कैसी रही? जवाब: मध्यम वर्गीय (मिडिल क्लास) इंसान जैसे होते हैं, मैं भी वैसा ही था। बस ये लगा कि अगर मैं कुछ नहीं करुंगा तो यहीं रह जाऊंगा। और अगर कुछ कर लिया तो जीवन में आगे बढ़ जाऊंगा। कुछ करने का जो जज्बा था, वही मुझे यहां तक ले आया। सवाल: शंख एयरलाइन शुरू करने का विचार पहली बार कब आया? जवाब: 2020-2021 के दौरान मेरे मन में विचार आया कि आने वाले समय में एविएशन सेक्टर में तेजी से विकास होने वाला है। तभी मुझे महसूस हुआ कि जनता की जरूरतें भी लगातार इस सेक्टर की ओर बढ़ रही हैं। इसी सोच के साथ मैंने तय किया कि मुझे अपना भविष्य एविएशन इंडस्ट्री में ही बनाना चाहिए। इसके बाद मैंने इस क्षेत्र के बारे में गहराई से जानकारी जुटाई, संभावनाओं को समझा और उसी दिशा में कदम बढ़ाया। आज मुझे एनओसी मिल चुकी है और काम भी सही दिशा में और सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। सवाल: कभी ये ख्याल आया कि छोड़ दिया जाए या फिर कोई नेगेटिव थॉट? जवाब: कभी भी मेरे मन में यह ख्याल नहीं आया कि सब कुछ छोड़ दिया जाए या फिर किसी तरह का नेगेटिव विचार आया हो। मैं कभी नकारात्मक नहीं सोचता, क्योंकि मैं जिस मुकाम और हालात से निकलकर यहां तक पहुंचा हूं, वहां से अगर गिरने की नौबत भी आए तो भी मैं उससे ऊपर ही रहूंगा। इसी सोच ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की ताकत दी है। मेरे जीवन में आज तक नकारात्मक ख्यालों ने जगह नहीं बनाई, क्योंकि मैं हर परिस्थिति को सीखता हूं और इसे आगे बढ़ने का अवसर मानता हूं। सवाल: प्रॉपर्टी और खनन कारोबार का इस सक्सेस में कितना योगदान रहा? जवाब: प्रॉपर्टी और खनन कारोबार का मेरी इस सफलता में अहम योगदान रहा। मैंने अपने करियर की शुरुआत सीमेंट के कारोबार से की, उसके बाद टीएमटी के काम में हाथ आजमाया। इन्हीं कारोबार के दौरान मेरी जिंदगी को एक नया यू-टर्न मिला। इसी अनुभव, मेहनत और सही फैसलों का नतीजा है कि आज मेरे पास 400 से ज्यादा गाड़ियों की एक मजबूत फ्लीट है, जिसने आगे बढ़ने की मेरी राह को और मजबूत किया। सवाल: आपने 10वीं तक पढ़ाई की है। एयरलाइंस जैसे बिजनेस की बारीकियां समझने में पढ़ाई रोड़ा तो नहीं बनेगी? जवाब: पढ़ाई और बिजनेस दोनों बिल्कुल अलग-अलग सिस्टम हैं। पढ़ाई आपको शिक्षित बनाती है, लेकिन काबिलियत केवल किताबें पढ़ने से ही नहीं आती। असली काबिलियत परिस्थितियों से निकलकर, अनुभव और संघर्ष से बनती है। सवाल: अगले 5 सालों में एयरलाइन को किस स्तर पर देखना चाहते हैं? जवाब: अगले पांच सालों में मैं अपनी एयरलाइन को बिल्कुल टॉप लेवल पर देखना चाहता हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले पांच सालों में यह एयरलाइन एक मजबूत मुकाम हासिल करेगी। आप देखिएगा, पांच साल बाद मैं निश्चित रूप से बहुत ऊंचाई पर पहुंचूंगा। ये हजार प्रतिशत है। जिसे रोकना है, वह रोकने की कोशिश कर ले। लेकिन मेरे इरादे और मेहनत की रफ्तार को कोई नहीं रोक सकता। सवाल: पिता के निधन के बाद जिम्मेदारी संभालना आपके लिए कितना कठिन था? जवाब: पिता जी के नहीं रहने के बाद परिस्थितियां कैसी होती हैं… बहुत दुखदायी है। उसको मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता। सवाल: एयरलाइन शुरू करने का मकसद क्या है? जवाब: एयरलाइन शुरू करने का मकसद सिर्फ एक कारोबार खड़ा करना नहीं है, बल्कि देश की बढ़ती जरूरतों को समझते हुए एक मजबूत और भरोसेमंद सेवा देना है। सवाल: एयरलाइन बिजनेस काफी महंगा माना जाता है। इतनी रकम आपके पास है या बैंक लोन वगैरह लेने जा रहे? जवाब: जी, हमने फॉरेन बैंक से लोन लिया है। इसके साथ ही हमारी पैरेंट कंपनी से भी ट्रेडिंग के जरिए हमें पूरा सपोर्ट मिल रहा है। फाइनेंशियल तौर पर हम पूरी तरह मजबूत स्थिति में आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा विदेशों में मेरे कई दोस्त हैं, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट में भरपूर सहयोग और समर्थन दिया है। इन्हीं सबके सहयोग से हम मजबूत फाइनेंसिंग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सवाल: शुरुआत क्या पांच विमानों से की जा रही है? ये विमान बुल्गारिया में बन रहे हैं, ऐसा सुना है? जवाब: हां, शुरुआत पांच विमानों से की जा रही है। ये विमान बुल्गारिया में निर्माण के लिए नहीं, बल्कि पेंटिंग के लिए खड़े हैं। जनवरी या फरवरी में इन्हें भारत लाने की योजना है। 10-15 अप्रैल से हमारी सेवाएं शुरू हो जाएंगी। सवाल: इन विमानों की क्वालिटी और टेक्नोलॉजी किस स्तर की होगी? जवाब: इन विमानों की टेक्नोलॉजी और क्वालिटी उस स्तर से भी बेहतर होगी, जो आपने अब तक दूसरे विमानों में देखी है। हमारा एयरक्राफ्ट टाइप एयरबस A-320 है, वही फ्लीट जो दूसरी प्रमुख एयरलाइंस भी ऑपरेट कर रही हैं। सवाल: इंडिगो, एयर इंडिया सहित बाकी एयरलाइंस से आपकी एयरलाइन कैसे अलग होगी? जवाब: हमें दूसरी एयरलाइंस से तुलना करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारा फोकस सिर्फ इस बात पर है कि हम क्या करेंगे। अपनी सर्विस को कैसे अच्छा करेंगे और यात्रियों को किस तरह की बेहतर सेवा देंगे। हम अपने काम से अपनी अलग पहचान बनाएंगे। सवाल: 2026 की पहली तिमाही में लखनऊ से उड़ानें शुरू होने के बाद आगे का रोडमैप क्या है? जवाब: हमारा रोडमैप बिल्कुल सरल है। हम धीरे-धीरे अपनी फ्लीट बढ़ाएंगे और भारत के सभी सेक्टर्स में विस्तार करेंगे। इसके बाद 2028–29 तक हमारी प्लानिंग इंटरनेशनल लेवल पर जाने की है। सवाल: क्या ‘शंख एयरलाइन’ को क्षेत्रीय (रीजनल) कनेक्टिविटी पर केंद्रित किया जाएगा? जवाब: जी हां, हमारी खास कोशिश उत्तर प्रदेश को देश की मेट्रो सिटीज से बेहतर तरीके से जोड़ने की रहेगी। वाराणसी से दिल्ली और मुंबई से लखनऊ जैसे रूट्स पर फोकस रहेगा, जिससे कि रीजनल कनेक्टिविटी मजबूत हो सके। सवाल: क्या आपकी एयरलाइन का किराया ऐसा रहेगा, जिससे आम आदमी भी सफर कर सके? जवाब: जी बिल्कुल, चाहे कोई त्योहार हो या सामान्य दिन, हमारा किराया नॉमिनल ही रहेगा। शंख एयरलाइन खास तौर पर मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है। हम किराया बढ़ाकर यात्रियों को भगाने में नहीं, बल्कि उन्हें बैठाने और बेहतर सेवा देने में विश्वास रखते हैं। सवाल: आपकी सफलता में परिवार की क्या भूमिका रही? जवाब: मेरी इस यात्रा में मेरी माता जी का सबसे बड़ा योगदान रहा है। उनका पूरा सपोर्ट और आशीर्वाद रहा। सच कहूं तो परिवार के सहयोग के बिना यहां तक पहुंचना संभव ही नहीं था। सवाल: छोटे शहर या गांव से आने वाले युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे? जवाब: मेरा संदेश बस यही है कि फैसले लेना सीखिए और डरना छोड़ दीजिए। जिंदगी में साहस के साथ, निडर होकर फैसले लीजिए, तभी आगे बढ़ पाएंगे। सवाल: आपने ऑटो चलाया और फिर इस मुकाम तक पहुंचे यह सफर कितना मुश्किल रहा? जवाब: अपने इस सफर को शब्दों में बयां करना मेरे लिए मुश्किल है। अगर मैं इसे पूरी तरह बयान करूं, तो शायद बहुत से लोग यकीन भी नहीं करेंगे। जिन परिस्थितियों से मैं गुजरा हूं, उन्हें सिर्फ मैं ही जानता हूं। जो व्यक्ति ऑटो चलाता है, उसकी जिंदगी रोज कमाओ, रोज खाओ वाली होती है। उस जीवनशैली से खुद को बाहर निकालना बेहद कठिन होता है। सवाल: शंख एयरलाइन का बेस कहां रहेगा? जवाब: शंख एयरलाइन का बेस लखनऊ और दिल्ली में रहेगा। एक ऑफिस लखनऊ में होगा और दूसरा गुड़गांव में। सवाल: इस पूरे सफर ने आपको जीवन की सबसे बड़ी क्या सीख दी? जवाब: जीवन की सबसे बड़ी सीख यही है सपने देखिए और उन्हें पूरा करने में भरोसा रखिए। अगर आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे, तो कोई और आपके सपनों को पूरा नहीं करेगा। परिस्थितियां हमेशा विपरीत रहेंगी, उनसे डरिए मत। बस आगे बढ़ते रहिए, रुकिए मत। अब भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए… —————– ये खबर भी पढ़ें… यूपी में पत्ता गोभी के कीड़े ने ली जान:सिर में 20-25 गाठें आईं, फास्ट फूड से भी हुई थी मौत; जानिए इतना खतरनाक क्यों यूपी के अमरोहा में फास्ट फूड खाने से 18 साल की 12वीं की छात्रा इलमा नदीम की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई। इलमा को एक महीने पहले टाइफाइड हुआ था। इसके बाद से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई हुआ। जांच में इलमा के दिमाग में 20-25 गांठें पाई गईं। डॉक्टर के अनुसार, ये गांठें एक परजीवी संक्रमण के कारण हो सकती हैं। जो फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाली पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा। पढ़िए पूरी खबर…
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